संवाद सहयोगी, मंगलौर: नगर पालिका परिषद की ओर से बाजार में हटाए जा रहे अतिक्रमण के दौरान रुकावट डालने वाले आठ लोगों को चिह्नित किया गया है। सभी पर टीम के साथ अभद्रता एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है।

मंगलौर की नगर पालिका परिषद में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पास प्रशासक का पद भी है। उनके निर्देश पर 14 मई से मंगलौर के बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत हुई। पहले दिन अभियान नगर पालिका की लाइब्रेरी के पास जाकर रुक गया था। इसके बाद 15 मई को जब अतिक्रमण हटाओ अभियान हनुमान चौक बाजार की ओर बढ़ा तो कुछ लोगों ने अभियान का विरोध शुरू कर दिया था। विरोध करने वाले जेसीबी के सामने भी धरना देकर बैठ गये थे। इस पर पालिका प्रशासन ने रिपोर्ट ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को दे दी थी। जेएम ने पालिका प्रशासन को निर्देश दिए थे कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनकी वीडियोग्राफी की जाए। इसके बाद जेएम ने तहसीलदार मंजीत ¨सह गिल को भी मौके पर भेजा था। तहसीलदार ने व्यापारी संगठन के लोगों से वार्ता की और उन्हें इस बात के लिए मना भी लिया। इसके बाद जब तहसीलदार वापस जाने लगे तो दुकानदारों ने उनका घेराव करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन हर बार कुछ ही दुकानदारों को निशाना बनाता है। पूरे बाजार से अतिक्रमण को नहीं हटाया जाता है। इस पर देर शाम दोबारा से अभियान को शुरू किया गया। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अजहर अली ने बताया कि प्रशासन द्वारा चलाये गये अभियान मे व्यवधान पैदा करने वाले आठ लोगों को चिह्नित कर उनके नाम पते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को भेजे गए हैं।

By Jagran