जागरण संवाददाता, हरिद्वार: स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती की स्मृति में आंवला एकादशी के अवसर पर हरिपुर कलां स्थित श्री चिन्मय कुटि भंडारा समिति की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नीलधारा से लेकर स्वामी की समाधि स्थल तक शोभा यात्रा निकाली गई। स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती और गुरु चिन्मयानंद के पावन स्वरूपों को विशेष पालकी में विराजमान किया गया था। स्वामी जी के समाधि स्थल पर भक्तों ने पूजा अर्चना की। इसमें राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

हरिपुर कलां में श्री चिन्मय कुटि भंडारा समिति की ओर से विशाल भंडारा लगाया गया। हरिद्वार के संत समाज ने बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में भाग लेकर भंडारे की शोभा बढ़ाई। श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में पहुंचे संतों का सम्मान किया, साथ ही उन्हें भंडारे का प्रसाद ग्रहण करवाया। इस अवसर पर भजन कीर्तन भी हुए। भंडारा समिति के संरक्षक केके बंसल और प्रधान सुरेश सतनालीवाला ने भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती और गुरू चिन्मयानंद सरस्वती द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भंडारा सबकी सहभागिता से होने वाला महायज्ञ होता है, जिसमें प्रत्येक धर्मप्रेमी अपना योगदान देता है। उन्होंने बताया कि गुरू का दर्जा सबसे ऊपर है, गुरू ही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने अध्यात्म और भगवत चितन को वर्तमान में जरूरी बताया। इस अवसर पर सतीश केडिया, वीरेन्द्र ग्रोवर, बेअंत मोंगा, कान्हा गोयल आदि भक्तजन मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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