जागरण संवाददाता, हरिद्वार। एक प्राइवेट बस चालक की लापरवाही से हुए दर्दनाक हादसे में महिला के दोनों पैर कट गए। जबकि उसके बेटे के दोनों पैर भी बेकार हो गए। चालक ने लापरवाही से बस चलाते हुए मां-बेटे के पैरों को कुचल दिया। हादसा चंडी चौक पर हुआ। बिजनौर निवासी मां-बेटे चौराहे पर बस का इंतजार कर रहे थे। गंभीर हालत में दोनों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने बस कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया है।

नजीबाबाद की ओर से देहरादून जाने वाले और देहरादून से नजीबाबाद बिजनौर जाने वाले यात्री अक्सर चंडी घाट चौक पर वाहन बदलते हैं। सोमवार सुबह चौराहे पर बैठे कई यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। तभी एक प्राइवेट बस चौराहे के पास आकर रुकी। चालक ने लापरवाही बरतते हुए बस को चौराहे से बिल्कुल सटा दी। पैर लटकाकर चौराहे पर बैठे यात्री बस के एक साइड में दब गए। जिससे चीख-पुकार मच गई। बमुश्किल बस को आगे-पीछे कर हटाया गया। हादसे में जाब्तागंज निवासी शहनाज व उसके बेटे जाकिर के दोनों पैर चौराहे की दीवार और बस के बीच बुरी तरफ फंस गए। बस से कुचले जाने के कारण शहनाज के दोनों पैर कट गए, जबकि बेटे के दोनों पैर भी खराब हो गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बस को भी कब्जे में ले लिया। शहर कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि गंभीर हालत देखते हुए दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। बस चालक को हिरासत में ले लिया गया है।

तड़प कर भी बेटे को पुकारती रही महिला

मां खुद कितनी भी बड़ी मुसीबत में हो, वह अपने बच्चों को परेशानी में नहीं देख सकती। बस से कुचले जाने के कारण महिला के दोनों पैर घुटनों से नीचे पूरी तरह अलग हो गए। राहगीरों ने उसे एक तरफ बैठा दिया और उसके बेटे को निकालने की जद्दोजहद करने लगे। इस दौरान महिला बुरी तरह तड़पने लगी। दोनों पैर कटने और असहनीय दर्द के बावजूद महिला की जुबान पर बेटे को बचाने की फरियाद रही। वह रो-रोकर चिल्लाती रही कि मेरे बेटे को बचा ली। चश्मदीदों का कहना था कि बस चालक ने मोडने में लापरवाही की है। चौराहे का घुमाव काफी ज्यादा था और चालक ने तेजी में कम जगह से बस को मोड़ दिया।

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Edited By: Raksha Panthri