जागरण संवाददाता, हरिद्वार। कुंभ में कोरोना टेस्टिंग फर्जीवाड़े में आरोपित शरत पंत, मल्लिका पंत और नवतेज नलवा हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में एसआइटी की छापेमारी के बावजूद हाथ नहीं आए। एसआइटी अब आरोपितों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में जुट गई है। बहुत जल्द एसआइटी कोर्ट में इस बाबत प्रार्थना पत्र दायर करेगी।

हरिद्वार कुंभ में सामने आए कोरोना टेस्टिंग फर्जीवाड़े की जांच एसआइटी कर रही है। पड़ताल में अहम सुबूत हाथ लगने पर कोरोना टेस्टिंग का ठेका लेने वाली मैसर्स मैक्स कारपोरेट सर्विसेज के पार्टनर दंपती शरत पंत और मल्लिका पंत के अलावा टेस्टिंग करने वाली हरियाणा के हिसार की नलवा लैब संचालक नवतेज नलवा को नामजद किया जा चुका है। कोर्ट से गैर जमानती वारंट लेने के बाद से एसआइटी उनकी तलाश में एक सप्ताह पहले हरिद्वार से रवाना हुई थी।

टीम ने हरियाणा में हिसार से लेकर फरीदाबाद, गुरुग्राम व चंडीगढ़ तक छापेमारी की। वहीं, उत्तर प्रदेश में नोएडा, मेरठ से लेकर दिल्ली में दबिश डाली, लेकिन तीनों में कोई भी आरोपित एसआइटी के हाथ नहीं आ सका। अब एसआइटी उन पर कानूनी शिकंजा और कसने की तैयारी में है। बहुत जल्द कुर्की की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। एसआइटी के विवेचनाधिकारी अमरजीत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जल्द ही आरोपितों की संपत्ति कुर्क करने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा।

दुष्कर्म के दोषी को दस साल की सजा

देहरादून में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट अपर जिला एवं सेशन जज अश्वनी गौड़ की अदालत ने दुष्कर्म के आरोपित को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद दी और 31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर सजा में बढ़ोतरी की जाएगी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) किशोर कुमार ने बताया कि कैनाल रोड निवासी धर्मपाल के घर पर एक महिला काम करती थी। कुछ दिन बाद धर्मपाल ने महिला से छेड़छाड़ शुरू कर दी। महिला ने इसका विरोध किया और काम छोड़ दिया। 21 नवंबर 2018 को महिला किसी काम से राजपुर स्थित चुंगी की तरफ जा रही थी।

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आरोप था कि महिला का पीछा कर रहे उसे पकड़ लिया और झाड़ियों में ले जाकर दुष्कर्म किया। महिला को धमकी दी कि यदि यह बात किसी को बताई तो वह उसके पति व बच्चों को जान से मार देगा। ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो भी बना ली थी। महिला ने इस मामले में राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। कोर्ट ने पीडि़त महिला के बयान व दोषी की ओर से बनाई गई वीडियो को साक्ष्य मानते हुए सजा सुनाई।

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Edited By: Raksha Panthri