संवाद सूत्र, नारसन(रुड़की)। Kisan Andolan भले ही दावा किया जा रहा है कि किसान आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है, लेकिन उत्तराखंड में हरिद्वार के कुछ गांवों में इस दावे के विपरित ऐसे बोर्ड लगाए दिए गए हैं, जो कई सवाल खड़े कर रहा है। बोर्ड पर लिखा गया है कि भाजपा नेताओं का गांव में आना मना है।  

इस समय देशभर में किसान आंदोलन चल रहा है। उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी किसान आंदोलन को समर्थन दिया जा रहा है। पर हरिद्वार जिले के रुड़की में नारसन क्षेत्र के नारसन कला, खेडा जट, ब्रहमपुर और नगला सलारू समेत पांच गांव में कुछ बोर्ड और होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इसमें लिखा गया है कि इस गांव में भाजपा नेताओं का आना सख्त मना है। रातोंरात लगे यह बोर्ड और होर्डिंग्स चर्चा का विषय बने हुए है। 

सूत्रों की माने तो कुछ और गांव में भी इस तरह के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। भाकियू के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि इस आंदोलन से किसान दुखी है। इसलिए वह इस तरह के बोर्ड लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को तीनों कृषि कानून को वापस लेना चाहिए। 

वहीं, टकराव की स्थिति न बने, इसको देखते हुए स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो चली है। गांव में जाकर ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि इस तरह के बोर्ड ना लगाए जाए और जो लगाए गए हैं उनको हटाया जाए। इस संबंध में तहसीलदार रुड़की नंदन कुमार ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है। इस संबंध में जानकारी होने के बाद ही प्रशासन कुछ कह सकेगा।

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