हरिद्वार, जेएनएन। कांवड़ मेला स्थगित होने के विधिवत ऐलान के बावजूद दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों की आमद लगातार बनी हुई है। सीमाओं पर नजारा बैठकों में होने वाले दावों से उलट है। हरिद्वार शहर में हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों की गाड़ियां खुद बॉर्डर पर मुस्तैदी की हकीकत बयान कर रही हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी आने वाले दिनों में फोर्स बढ़ाकर छह जुलाई से सीमाएं सील करने का दावा कर रहे हैं।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस साल श्रवण मास का कांवड़ मेला स्थगित कर दिया गया है। उत्तराखंड सहित पड़ोसी राज्यों ने भी इस पर सहमति जताई है। इन सभी राज्यों की पुलिस अपने-अपने स्तर से इसके प्रचार-प्रसार में जुट गई है। इसके बावजूद बॉर्डर पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले यात्रियों को रोकना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। फिलहाल नारसन, भगवानपुर और खानपुर सहित लगभग सभी सीमाओं पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के यात्री लगातार हरिद्वार में प्रवेश कर रहे हैं। 

ऐसा नहीं है कि बॉर्डर पर पुलिस तैनात नहीं है। पुलिस कुछ वाहनों की चेकिंग भी जरूर कर रही है। लेकिन, हरिद्वार शहर में गैर राज्यों की गाड़ियों में नजर आ रही यात्रियों की टोलियां कुछ और कहानी बयां कर रही हैं। पुलिस ने गुरुवार शाम हरकी पैड़ी से दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 16 यात्रियों को पकड़ा है। जाहिर है कि यह यात्री जिले की किसी न किसी सीमा से होकर हरिद्वार शहर में आए होंगे।

जिले के अधिकारी छह जुलाई से अतिरिक्त पुलिस बल लगाकर सीमाएं सील करने का दावा कर रहे हैं, मगर फिलहाल सीमाओं से आवाजाही बनी हुई है। बॉर्डर पर तैनात पुलिसर्मी नाम-पते नोट कर यात्रियों को हरिद्वार भेज रहे हैं। इधर, हरिद्वार पहुंचने पर पुलिस उनका मेडिकल कराते हुए क्वारंटाइन कराने की कवायद में जुटी है।

प्रचार के लिए दूसरे राज्यों में भेजे पुलिसकर्मी

कांवड़ मेला स्थगित होने का प्रचार करने के लिए हरिद्वार से पुलिस टीमों को पड़ोसी राज्यों में भेजा गया है। शुक्रवार को एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने टीमों को ब्रीफ करने के बाद होर्डिंग, पर्चे और फ्लैक्स देकर रवाना किया। मायापुर कार्यालय में पुलिसकर्मियों को निर्देश देते हुए एसपी सिटी ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में जाकर स्थानीय पुलिस की मदद से लोगों को जागरूक किया जाए।

मनाही के बावजूद कोई कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंचता है तो उसे 14 दिन के लिए क्वारंटाइन करने के साथ-साथ उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस टीमें दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग जिलों में जाकर पर्चे, बैनर, पोस्टर से कांवड़ मेला स्थगित होने का प्रचार-प्रसार करेंगी ताकि उन राज्यों के लोगों को हरिद्वार आने से रोका जा सके।

कुंभ मेला कार्यों की शुरूआत न होने से रोष

आनंद पीठाधीश्वर व हरिधाम सनातन सेवा ट्रस्ट के परमाध्यक्ष आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी ने उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में कुंभ मेला कार्यो की शुरूआत न होने पर नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि कुंभ मेला कार्यो को लेकर उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। हरिद्वार में मेला भूमि कम होने के कारण कुंभ के आयोजन में व्यवधान पैदा ना हो इसके लिए अतिक्रमण हटाने का काम भी तत्काल शुरू करना चाहिए। साथ ही जिन स्थानों पर अखाड़ों की छावनियां स्थापित की जानी हैं, उन स्थानों पर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी भी अभी से शुरू कर देनी चाहिए।

कांवड मेला स्थगित करने से व्यापारियों में रोष

प्रदेश व्यापार मंडल की महानगर इकाई ने कांवड़ मेला स्थगित करने के सरकार के फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए कटोरे हाथ में लेकर सुभाष घाट पर प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष मयंक मूर्ति भट्ट ने कहा कि सरकार ने व्यापारियों को बुलाकर सावन मेला स्थगित करने का एकतरफा फरमान सुना दिया। जिससे व्यापारियों में रोष है।

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लगातार मंदी का सामना कर रहे व्यापारियों को राहत देने के लिये सरकार को जल्द से जल्द राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। महानगर महामंत्री सुमित अरोड़ा ने कहा कि पहले रेल लाइन दोहरीकरण और अब कोरोना के चलते छह माह से हरिद्वार का व्यापार ठप है। अब कांवड़ मेला भी स्थगित कर दिया गया है। व्यापारियों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। इन्होंने बिजली, पानी के बिल के अलावा गृहकर, स्कूल फीस आदि माफ करने की मांग की। प्रवीण शर्मा, अजय अरोड़ा आदि मौजूद रहे।

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