संवाद सहयोगी, रुड़की। सिविल अस्पताल रुड़की में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया गया है। इस अवसर पर अस्पताल की सभी नर्सिंग अधिकारियों ने सिस्टर फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर पुष्प अर्पित किये। साथ ही उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सीनियर नर्सिंग अधिकारी बबीता ने कहा कि ज़्यादातर देश कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है ऐसे में नर्सों की जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ गई है। नर्सों को मरीजों के सीधे संपर्क में आना होता है मरीजों को बचाना और खुद को भी सुरक्षित रखना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।

सीनियर नर्सिंग अधिकारी  अनीता ने कहा कि नर्स अस्पताल की रीढ़ होती हैं। वह अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का उपचार और देखभाल करती हैं। तमाम नर्स ऐसी हैं जो मरीजों की देखभाल करते करते खुद भी  कोरोना संक्रमित हो गयी हैं। कई नर्स अपनी जान भी गवां चुकी हैं। इसके बाद भी सभी नर्सों को डटकर इस महामारी का मुकाबला करना है मरीजों की अच्छी से अच्छी देखभाल करनी है ताकि वह ठीक होकर अपने घर जाएं। इस अवसर पर आशा शर्मा, अनीता, सारिका, मंजू, आशा, मोनिका रावत, रीता, सोफिया, कोशिका गुप्ता, रश्मि, गंगा, ममता, वर्षा, जोलोबिना, शालिनी, अनीता, कविता, शशि, सैनी, नसीमा, शिवानी, तपन शर्मा, संध्या, श्वेता, नीतू, पिंकी व सीमा मौजूद रही।

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