संवाद सहयोगी, रुड़की: कोरोना की तीसरी लहर कैसे रुकेगी। शहर में अभी भी 40 हजार 226 लोग ऐसे हैं। जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की प्रथम डोज तो लगवा ली है, लेकिन दूसरी डोज लगवाने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर नहीं आ रहे हैं।

देश में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन दस्तक दे चुका है। आशंका है कि कोरोना का यह वैरिएंट फैल सकता है। इसके चलते वैक्सीनेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही कोरोना की सैंपलिग भी बढ़ा दी गई है। शहर में प्रतिदिन 400 आरटीपीसीआर और 400 ही एंटीजन टेस्ट किए जाने हैं। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में सैंपलिग नहीं हो पा रही है।

सेशन साइट इंचार्ज रामकेश गुप्ता ने बताया कि दूसरी डोज 84 दिन बाद लगवाई जाती है। यदि कोई व्यक्ति दूसरी डोज अधिक दिन बाद लगवाता है तो पहली डोज का असर भी कम हो जाता है। जिससे वैक्सीन का उतना लाभ नहीं मिलेगा, जितना मिलना चाहिए। इसलिए जिसकी दूसरी डोज का समय हो चुका है। उसे बिना विलंब के दूसरी डोज लगवा लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 40226 को दूसरी डोज लगवाई जानी है। इन्हें पहली डोज लगे हुए 84 दिन बीत चुके हैं। इन व्यक्तियों को जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाई जाएगी।

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41 वैक्सीनेशन सेंटर बनाए

रुड़की: सोमवार से वैक्सीनेशन के लिए महाअभियान शुरू हो रहा है। तीन दिन तक चलने वाले अभियान के लिए 41 वैक्सीनेशन सेंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा घर-घर जाकर भी वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज लगाई जाएगी। सेशन साइट इंचार्ज रामकेश गुप्ता ने बताया कि जिन व्यक्तियों ने वैक्सीनेशन की दूसरी डोज नहीं लगवाई है। वह दूसरी डोज लगवा लें। उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर से पहले-पहले वैक्सीनेशन की दूसरी डोज का लक्ष्य शतप्रतिशत पूरा किया जाएगा। रविवार को शहर में 15 स्थानों पर वैक्सीनेशन किया गया है।

Edited By: Jagran