जागरण संवाददाता, हरिद्वार: जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी जुटाने को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम बीते दो दिनों से हरिद्वार में डेरा डाले है। शनिवार को टीम ने जिला और महिला अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बेहतर मूलभूत सुविधाओं के बाद भी मेला अस्पताल का इस्तेमाल न होने पर टीम ने नाराजगी जताई। साथ ही जिला और महिला अस्पताल की कुछ सेवाओं का संचालन मेला अस्पताल में कराने का सुझाव दिया। टीम दस सितंबर तक यहीं रहेगी। जिलाधिकारी के अलावा 11 सितंबर को रिपोर्ट मिशन डायरेक्टर के समक्ष पेश किया जाएगा।

नेशनल हेल्थ मिशन की निदेशक डॉक्टर अंजलि नौटियाल ने महिला अस्पताल में एक बाल रोग विशेषज्ञ होने पर ¨चता जताई। बताया कि जांच पड़ताल के दौरान एसएनसीयू में 11 बच्चे भर्ती मिले। इन बच्चों की देखभाल को केवल एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप निगम तैनात हैं। इनकी पीएम ड्यूटी भी लगाने भी बात सामने आई। इस पर उन्होंने जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. आरती ढौढियाल से डॉ. निगम की पीएम ड्यूटी न लगवाने को कहा। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत की ड्यूटी महिला अस्पताल में भी लगाने को निर्देशित किया। जिससे महिला अस्पताल की व्यवस्था भलीभांति संचालित हो सके। लक्सर सीएचसी पर डिलीवरी की अच्छी संख्या पर निदेशक से प्रसन्नता जताई। टीम में सहायक आयुक्त डॉ.जोया अली रिजवी, डॉ.श्रुति धारा, सुशांत अग्रवाल, सौरभ राज, प्रभारी सीएमओ डॉ.एचडी शाक्य आदि मौजूद रहे। लक्सर सीएचसी का किया निरीक्षण

लक्सर : शनिवार को केंद्रीय टीम एक बार फिर लक्सर पहुंची। टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्सर का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की स्थिति तथा स्वास्थय सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गई। पहले से बदहाल चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की तैनाती नहीं होने तथा स्वास्थय सुविधाएं नहीं मिल पाने को लेकर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। साथ ही टीम ने लोगों से भी बातचीत कर फीडबैक लिया। सीधड़ू पीएचसी का भी निरीक्षण किया। इसके बाद टीम वापस लौट गई। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी जानी है।

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