संवाद सूत्र, कलियर: किसान परिवार पर बदमाशों का कहर एक घंटे तक टूटा। एक घंटे तक बदमाश घर में तांडव मचाते रहे। वारदात के दौरान जिसने भी विरोध किया। बदमाशों ने उसका ही खून बहाया। बदमाशों ने महिपाल की दो माह की पौत्री को भी उठाकर जमीन पर पटक दिया।

माजरी गांव निवासी महिपाल का घर गुम्मावाला और माजरी गांव के बीच में है। महिपाल का घर वैसे तो माजरी गांव में पड़ता है, लेकिन गांव से जंगल की तरफ जाने वाले रास्ते पर उसका घर है। महिपाल के घर में जिस हिस्से में पशु बांधे जाते हैं। वहीं पर जंगल की तरफ एक गेट लगा है। बदमाश इसी गेट को तोड़कर अंदर घुसे थे। यह हिस्सा कमरे से कुछ दूर है। जिससे दरवाजा तोड़ने की आवाज सो रहे परिजनों ने नहीं सुनी। बदमाश यहीं से होते हुए एक-एक कर किचन की ग्रिल से निकलकर करीब डेढ़ बजे रात अंदर पहुंचे थे। बदमाशों की संख्या 8 से 10 होने के चलते घर के मुट्ठी भर लोग इनका सामना नहीं कर पाए। बदमाशों ने सोते हुए परिवार पर हमला कर उन्हें इतना आतंकित कर दिया कि बाद में ज्यादा विरोध परिजन नहीं कर पाए। बदमाशों का कहर घर की महिलाओं पर भी टूटा। जिसने जेवर देने से इंकार किया उस पर ही लाठी डंडे बरसा दिए। अर्जुन की पत्नी रूबी ने बदमाशों को बिना विरोध के जेवर उतार कर दे दिये। जिसके चलते बदमाशों ने उसे कुछ नहीं कहा। लेकिन बदमाशों ने रानी के विरोध करने पर न केवल उसे बुरी तरह से पीटा बल्कि उसकी बच्ची तुलसी (दो) माह को आंगन में जमीन पर पटक दिया। गनीमत यह रही कि उसे ज्यादा चोट नहीं लगी। बदमाश करीब एक घंटे तक तांड़व मचाने के बाद करीब ढाई बजे फरार हो गए।

Posted By: Jagran