जागरण संवाददाता, हरिद्वार। हरिद्वार जिले के ज्वालापुर में एक बर्फ कारखाना में अमोनिया गैस रिसाव होने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दूसरी तरफ गैस रिसाव पीड़ितों को भर्ती करने की तैयारी शुरू की गई। गनीमत रही कि बारिश के चलते गैस क्षेत्र में नहीं फैल सकी।

पुलिस के मुताबिक, ज्वालापुर में बकरा मार्केट की बगल में श्याम गोयल का बर्फ कारखाना है। सोमवार सुबह गैस रिसाव होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गैस रिसाव होने की सूचना पर ज्वालापुर कोतवाली की पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। चिकित्सकों की टीम भी तुरंत मौके पर पहुंची। वहीं, गैस रिसाव से नुकसान की आशंका को देखते हुए जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष को तैयार किया गया। प्रभारी सीएमओ डा. एसके शाक्य ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। डा. धीरेंद्र ने बर्फ फैक्ट्री का निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्ट्री में एक पाइप से गैस रिसाव होने पर तत्काल मरम्मत के निर्देश फैक्ट्री स्वामी श्याम गोयल को दिए हैं।

फ्लाईओवर के नीचे मिला फैक्ट्री कर्मी का शव

लक्सर में नगर में फ्लाईओवर के नीचे एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। सूचना मिलने पर बाजार चौकी प्रभारी प्रेम प्रकाश शाह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया। शव की पहचान कुंवरपाल सिंह निवासी चरौरा, मुस्तफाबाद जनपद बुलंदशहर के रूप में हुई। मृतक लक्सर की एक फैक्ट्री में काम करता था। कोतवाल प्रदीप चौहान ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग

बंदरों के आतंक से परेशान शहरवासियों खासकर श्रवणनाथ नगर निवासियों ने प्रशासन और वन विभाग से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। श्रवणनाथ नगर के पूरे क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार जारी है। यात्री बाहुल्य क्षेत्र श्रवणनाथ नगर में बंदरों द्वारा यात्रियों के ऊपर झपट्टा मारकर सामान छीन लेना और काट लेने की घटनाएं रोजाना हो रही हैं। इतना ही नहीं बंदर लोगों के घरों में घुसकर खाने का सामान उठा ले जाते हैं। छत पर कपड़े सुखाने के दौरान कई महिलाओं पर भी बंदर हमला कर घायल कर चुके हैं, जिससे लोगों में रोष बना हुआ है।

स्थानीय निवासियों अंकुर दुआ, महेश दुआ, नमीष सब्बरवाल, कुलदीप, राजेश जज्ञासी, सूरजदास, नितिन जसवानी, तिलक जसवानी, नरेश अरोरा, मनीष शर्मा, कुणाल गिरी, उमेश सोनी आदि ने बताया कि प्रशासन से कई बार बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

Edited By: Raksha Panthri