जागरण संवाददाता, हरिद्वार। कुंभ के शाही स्नानों पर रेलवे की ओर से कोई स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई जाएगी, जो नियमित ट्रेन पहले से चल रही हैं, वे ही चलेंगी और पूरी तरह आरक्षित होंगी। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण को 11 से 14 अप्रैल तक ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर गाड़ि‍यों के अतिरिक्त ठहराव की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं भीड़ नियंत्रण को हरिद्वार व आसपास के स्टेशनों पर 25 रैक भी उपलब्ध रहेंगी। 

कुंभ के दृष्टिगत हरिद्वार, ज्वालापुर और आसपास के रेलवे स्टेशनों के निरीक्षण के बाद हरिद्वार रेलवे स्टेशन के वीआइपी लाउंज में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार रेलवे स्टेशन परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए दस हजार यात्री क्षमता के अलग-अलग रंगों के चार एन्क्लोजर (बाड़ा) बनाए गए हैं। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ज्यादा भीड़ न हो इसके लिए ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की व्यवस्था की गई है। शाही स्नानों पर भीड़ नियंत्रण के लिए 25 रैक की व्यवस्था रहेगी। मेला अधिष्ठान से समन्वय स्थापित कर जरूरत के अनुरूप अनारक्षित ट्रेन चलाई जाएगी। बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए रेल यात्रियों को केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा, एडीआरएम एनएन सिंह समेत रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

स्टेशन परिसर में दो घंटे पहले ही मिलेगा प्रवेश 

आइजी कुंभ संजय गुंज्याल ने बताया कि यात्रियों को रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रा से केवल दो घंटे पहले ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए हरिद्वार और ज्वालापुर स्टेशन पर चार-चार होल्डिंग एरिया का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक होल्डिंग एरिया का रंग और रूट भिन्न रखा गया है। यहां पेयजल, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध रहेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए हरिद्वार रेलवे स्टेशन के अलावा नजदीकी रेलवे स्टेशन ज्वालापुर, मोतीचूर, रायवाला और योगनगरी ऋषिकेश स्टेशन पर भी बोर्डिंग का विकल्प रहेगा। इन स्टेशनों से गुजरने वाली समस्त ट्रेन का पर्याप्त स्टॉपेज दिया गया है। मुख्य कुंभ क्षेत्र में भीड़ का दबाव होने की स्थिति में यात्रियों को ज्वालापुर, लक्सर और रुड़की आदि नजदीकी स्टेशनों पर भी उतारा जा सकता है। यात्रियों को कोविड गाइड लाइन का पालन होगा। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन उपरांत जारी ई-पास, 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट आदि अनिवार्य है।

जीएम ने कंट्रोल रूम का भी किया निरीक्षण 

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने हरिद्वार और आसपास के रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण कर कुंभ की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने रेल आरक्षण केंद्र के ऊपर बनाए कंट्रोल रूम का बारीकी से निरीक्षण किया। झंडा मेला ग्राउंड यात्रियों के लिए बनाए गए एन्क्लोजर का भी निरीक्षण किया। वहां लगाए गए यूटीएस कम पीआरएस काउंटरों की जांच की। उन्होंने कोविड 19 प्रोटोकॉल का भी जायजा लिया। उन्होंने ज्वालापुर, मोतीचूर आदि स्टेशन का भी निरीक्षण किया। स्टाफ व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को भी परखा। सुरक्षा आदि व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलने पर संतोष जताया। 

समिति सदस्य ने सौंपा प्रस्ताव 

उत्तर रेलवे क्षेत्रीय उपयोगकर्त्‍ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य तन्मय वशिष्ठ ने महाप्रबंधक से मिलकर उन्हें यात्रियों के हित से संबंधित अहम प्रस्ताव सौंपे। इन प्रस्तावों में हरिद्वार स्टेशन से पूर्व में शुरू होने वाली गाड़ि‍यों जिसका टर्मिनल ऋषिकेश बनाया गया है, उन गाड़ि‍यों के हरिद्वार में ठहराव समय में बढ़ोतरी के अलावा सीएसआर मद से स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था का प्रस्ताव शामिल है। कहा कि इन कार्योँ में श्री गंगा सभा मदद करेगी। टिबड़ी और ज्वालापुर अंडरपास में रोशनी की व्यवस्था और हरिद्वार स्टेशन पर साफ सफाई पर और अधिक संसाधन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।

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