हरिद्वार के आकाश में 1500 ड्रोन से उकेरी जाएगी अर्धकुंभ की आध्यात्मिक कहानी, 15 मिनट के शो में खर्च होंगे 4.12 करोड़
हरिद्वार में अर्धकुंभ के दौरान 1500 ड्रोन से एक भव्य शो आयोजित किया जाएगा। जिस पर एचआरडीए 4.12 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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गौरव त्यागी, हरिद्वार। अर्धकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा स्नान और धार्मिक आयोजनों के साथ आकाश में तकनीक और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने 1500 ड्रोन के जरिए विशेष शो आयोजित कराने की योजना बनाई है।
पांच ड्रोन शो के लिए करीब 4.12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस प्रस्तुति में अर्धकुंभ की आध्यात्मिक यात्रा और दिव्यता को आसमान में उभरती आकृतियों, पवित्र प्रतीकों और रोशनी के तालमेल से दर्शाया जाएगा।
इस शो की खासियत केवल ड्रोन की संख्या नहीं, बल्कि इनके जरिए कहानी को आकाश में दृश्य रूप में पेश किया जाएगा। अर्धकुंभ के धार्मिक महत्व को एनिमेटेड आकृतियों व पवित्र प्रतीकों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इसके लिए पहले दृश्य तैयार किए जाएंगे। फिर ड्रोन की उड़ान की योजना, रोशनी के रंगों का तालमेल, संगीत और आवाज को एक साथ जोड़कर प्रस्तुति होगी।
इस तरह दर्शकों को अलग-अलग ड्रोन की उड़ान देखने के बजाय एक क्रम में आगे बढ़ती दृश्य प्रस्तुति दिखाई जाएगी। एक शो करीब 15 मिनट का होगा और इसमें करीब 13 अलग-अलग आकृतियां या दृश्य तैयार किए जाएंगे। शो के दौरान संगीत और आवाज भी दृश्यों के साथ तालमेल में चलेंगे।
150 अतिरिक्त ड्रोन भी रहेंगे तैयार
इस प्रस्तुति के दौरान एजेंसी को 1500 मुख्य ड्रोन के साथ 150 अतिरिक्त ड्रोन की व्यवस्था भी रखनी होगी। यानी शो के लिए एजेंसी को 1650 ड्रोन उपलब्ध रखने होंगे। ड्रोन हल्के ढांचे वाले होंगे और उनमें रंग बदलने वाली तेज रोशनी की व्यवस्था होगी। इनके संचालन के लिए ऐसी नियंत्रण प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सभी ड्रोन एक तय योजना के अनुसार उड़ सकें और अलग-अलग दृश्य बना सकें।
ड्रोन की उड़ान और संचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, जरूरी अनुमति, नियमों का पालन और बीमा भी एजेंसी की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा आयोजन के लिए जरूरी परिवहन, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था और बैरिकेडिंग जैसे इंतजाम भी किए जाएंगे। एजेंसी को केवल ड्रोन उड़ाने तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि कार्यक्रम की तैयारी से लेकर सुरक्षित संचालन और प्रस्तुति पूरी कराने तक की व्यवस्था करनी होगी।
सुरक्षा मानकों का करना होगा पालन
एचआरडीए ने योजना में डिजाइन तैयार करने, एनिमेशन बनाने, उड़ान की योजना, ड्रोन संचालन और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं को शामिल किया है। चयनित एजेंसी को निर्धारित तकनीकी और सुरक्षा मानकों के अनुसार काम करना होगा। ड्रोन की सही स्थिति और दिशा बनाए रखने के लिए उच्च सटीकता वाली उपग्रह आधारित स्थिति निर्धारण प्रणाली का प्रविधान भी है।
प्रत्येक ड्रोन की बैटरी से कम से कम 18 से 22 मिनट तक उड़ान और रोशनी के संचालन की अपेक्षा रखी गई है। यह अवधि प्रस्तावित 15 मिनट के शो के अनुरूप है। बैटरी चार्ज करने के लिए एक साथ बड़ी संख्या में बैटरियां चार्ज करने की व्यवस्था भी करनी होगी। इसके अलावा बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक बिजली व्यवस्था रखी जाएगी।
