संवाद सूत्र, भगवानपुर: भगवानपुर थाना पुलिस व औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने एक महिला को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने का काम करती थी। वह चंडीगढ़ से यह इंजेक्शन मंगवाती थी। पूछताछ में महिला ने दो युवकों के बारे में बताया है। जिनकी तलाश में पुलिस टीम रवाना हो गई है। महिला भगवानपुर की देवांश टेस्टिग लैब में जरनल मैनेजर के पद पर है।

एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। भगवानपुर थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक लैब में जीएम के पद पर तैनात एक महिला नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के क्रय एवं विक्रय का काम कर रही है। ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा को भी यह जानकारी दी गई। इस पर महिला को थाने बुलवाकर पूछताछ की गई। महिला के पास से चार नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए। इंजेक्शन की शीशी और लेबल ओरिजनल शीशी से अलग है। ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह इंजेक्शन ने सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। महिला का नाम कनिका निवासी सिविल लाइंस रुड़की है। महिला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला ने एक युवक का नाम शाहबा निवासी आजाद नगर, यमुनानगर, हरियाणा बताया, जबकि दूसरा इसी का साथी है। महिला उसका नाम नहीं बता पाई। आरोपितों की तलाश में एक पुलिस टीम रवाना हो गई है। आरोपित महिला का चालान कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। फरार आरोपितों के पकड़े जाने के बाद ही पता चल सकेगा कि वह नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन कहां से लाते थे। टीम में थानाध्यक्ष पीडी भट्ट, उपनिरीक्षक मनोज ममंगाई, कांस्टेबल विनोद कुंडलिया, सुधीर, सचिन आदि के नाम शामिल हैं।

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