हरिद्वार, जेएनएन। छात्रवृत्ति घोटाले में एसआइटी की पकड़ से बाहर चल रहे समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल के खिलाफ कुर्की की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एसआइटी के प्रार्थना पत्र पर देहरादून की एंटी करप्शन कोर्ट ने कुर्की के लिए मुनादी कराने की अनुमति दे दी है। मुनादी और प्रचार-प्रसार होने के बावजूद नौटियाल सरेंडर नहीं करते हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क होना तय है।

छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक रहे अनुराग शंखधर की गिरफ्तारी के बाद से ही एसआइटी विभाग के दूसरे सयुंक्त निदेशक गीताराम नौटियाल की तलाश में जुट गई थी, लेकिन नौटियाल एससी-एसटी आयोग चले गए। बाद में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने गीताराम नौटियाल को एसआइटी के सामने पेश होने के आदेश दिए। गिरफ्तारी पर कोर्ट की रोक होने के दौरान सिर्फ एक मर्तबा गीताराम नौटियाल ने एसआइटी का सामना किया। इसके बाद एसआइटी ने तमाम नोटिस जारी किए, लेकिन नौटियाल पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे। जिसके बाद एसआइटी ने एंटी करप्शन कोर्ट से गीताराम नौटियाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल कर लिए थे। 

एसआइटी ने नौटियाल की गिरफ्तारी के लिए देहरादून, हरिद्वार सहित प्रदेश के बाहर कई ठिकानों पर दबिश दी, मगर एसआइटी नौटियाल को नहीं पकड़ सकी। तब नौटियाल पर और शिकंजा कसने के लिए एसआइटी ने कुर्की की प्रक्रिया शुरू करते हुए एंटी करप्शन कोर्ट से अनुमति मांगी। कोर्ट ने मंगलवार को कुर्की की कार्रवाई से पहले होने वाली मुनादी की अनुमति दे दी।

एसआइटी ने कुछ ठिकानों पर मुनादी शुरू करा दी है। जल्द ही नौटियाल के घर और अन्य जगहों पर ढोल के साथ मुनादी कराते हुए गीताराम नौटियाल को यह चेतावनी दी जाएगी कि वह जल्द से जल्द खुद को कानून के हवाले कर दे, अन्यथा संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। एसआइटी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मामले की जांच कर रहे एएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि कोर्ट से मुनादी की अनुमति मिल गई है। यदि मुनादी के बाद भी गीताराम नौटियाल सरेंडर नहीं करते हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी।

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दो रिटायर्ड सहित तीनों अधिकारियों को जेल

छात्रवृत्ति घोटाले में सोमवार को गिरफ्तार किए गए भगवानपुर ब्लॉक के सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोमप्रकाश सहित रिटायर्ड अधिकारी मुनेश त्यागी और विनोद नैथानी को मंगलवार की सुबह देहरादून की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में सुद्धोवाला जेल भेज दिया गया। उनसे पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसआइटी विभाग के कुछ और अधिकारी-कर्मचारियों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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Posted By: Raksha Panthari

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