हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज में बढ़ा गंगा का जलस्तर, यूपी के निचले इलाकों में बाढ़ का अलर्ट
पहाड़ों में लगातार बारिश के चलते हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे उत्तर प्रदेश ...और पढ़ें

हरिद्वार गंगा नदी पर स्थित भीमगौडा बैराज का जलस्तर
HighLights
भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ा।
उत्तर प्रदेश के गंगा बेसिन में अलर्ट जारी।
सिंचाई विभाग कर रहा लगातार जलस्तर की निगरानी।
संवाद सहयोगी, रुड़की। पहाड़ों में लगातार बारिश के बीच हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। बैराज से पानी की निकासी बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के गंगा बेसिन से जुड़े क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है।
जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, इस वर्ष अभी तक गंगा के किनारे किसी तरह का कटाव नहीं होने से विभाग ने राहत की बात कही है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर 293.50 मीटर तक पहुंचा था, जो खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे रहा।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग रुड़की ने गंगा में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए गंगा बेसिन से जुड़े क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। यूपी सिंचाई विभाग रुड़की के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि मंगलवार को भीमगोड़ा बैराज से करीब 1.58 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि बुधवार को भीमगौडा बैराज का जलस्तर 292.60 दर्ज किया गया।
जिसके बाद 1.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश में संबंधित क्षेत्रों को सतर्क किया गया है। पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा के श्रीनगर डैम- मनेरी भाली डैम- पशुलोक डैम से गंगा में पानी की निकासी बढ़ने का असर हरिद्वार में भी दिखाई दे रहा है। बीते मंगलवार को गंगा का जलस्तर 293.50 मीटर दर्ज किया गया था।
जिसके बाद 1.58 लाख क्यूसेक पानी बैराज से छोडा गया। जबकि खतरे का निशान 294 मीटर है। जिससे 50 सेमी नीचे गंगा बही। जिला प्रशासन ने भी गंगा किनारे और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाई है। अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि विभाग की ओर से जलस्तर और नदी के बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभी तक गंगा के किनारे किसी तरह का कटाव नहीं हुआ है, जो राहत की बात है। उप्र सिंचाई विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले अतिरिक्त पानी के कारण गंगा का जलस्तर आगे भी घट-बढ़ सकता है, इसलिए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
