जागरण संवाददाता, हरिद्वार: किट्टी धोखाधड़ी मामले में ज्वालापुर कोतवाली में एक और मुकदमा दर्ज हुआ है।

शहर में पिछले साल अगस्त 2017 में किट्टी के नाम पर धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए थे। शहरवासियों की करोड़ों की कमाई कुछ लोगों ने डकार ली। बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन व हंगामा होने पर पुलिस ने जीआइजी किट्टी ग्रुप चलाने वाले पति-पत्नी स¨वद्र और गुरप्रीत कौर, भाजपा की पूर्व जिला मंत्री शिवांगी त्रिपाठी सहित अन्य लोगों के खिलाफ अलग-अलग तहरीरों पर मुकदमे दर्ज किए। स¨वद्र, गुरुप्रीत और शिवांगी जेल से जमानत पर छूटकर आ चुके हैं। मगर पीड़ितों की संख्या इतनी ज्यादा है कि हर महीने कोई न कोई पीड़ित उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रहा है। अब ज्वालापुर धीरवाली निवासी राहुल चौहान पुत्र ब्रह्मपाल ¨सह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसने जीआइजी ग्रुप की किट्टी में पैसा लगाया हुआ था। लाखों रुपये जमा करने के बाद कंपनी व एजेंट ने पैसा नहीं लौटाया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जीआइजी ग्रुप के अज्ञात प्रोपराइटर निवासी पुराना रानीपुर मोड़ व श्वेता कश्यप पत्नी नरेश कश्यप निवासी कोटरवान, भाजपा कार्यालय के पास, ज्वालापुर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। कोतवाली प्रभारी अमरजीत ¨सह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है।

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एक साल बीतने पर भी नहीं लगा मरहम

हरिद्वार: किट्टी पीड़ितों से धोखाधड़ी का मामले सामने आने के एक साल बाद भी उनका पैसा वापस नहीं मिल पाया। किट्टी की रकम डकारने वाले मजे में हैं। जबकि मेहनत की गाढ़ी कमाई उनके हाथों में थमाने वाले दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। पिछले साल घोटाला सामने आने पर कांग्रेस ने इस मुद्दे पर शहर भर में विरोध प्रदर्शन किए थे। कारण यह था कि किट्टी ग्रुप चलाने वाली दोनों प्रमुख महिलाएं भाजपा से जुड़ी थी। भाजपा ने तुरंत इस मसले पर पल्ला झाड़ लिया। राजनीति चमकाने के बाद कांग्रेस भी खामोश हो गई। हालांकि जीआइजी ग्रुप के संचालक शहर के भाजपा नेताओं पर ही नगदी सामान हड़पने के आरोप लगा रहे हैं। एक महिला नेत्री का नाम भी इनमें शामिल हैं।

Posted By: Jagran