संवाद सहयोगी, रुड़की: नकली दवा बनाने वाली तीन फैक्ट्रियों के पकड़े जाने और भारी मात्रा में नकली दवा बरामद होने के बाद शासन स्तर से भी मामले में संज्ञान लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नकली दवा बनाने और बेचने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी हो रही है। प्रशासन, स्वास्थ्य, ड्रग कंट्रोल और पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में संयुक्त रुप से कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर आदि जनपदों से आई ड्रग विभाग की टीम ने शनिवार को स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर सैनिक कालोनी, शिवपुरम और रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में छापे मारकर नकली दवा बनाने वाली तीन फैक्ट्रियां पकड़ी थी। यहां से भारी मात्रा में ब्रांडेड कंपनियों के नाम से पैक की गई नकली दवा और मशीनें बरामद की थी। इसके अलावा भी और स्थानों पर छापे मारे गए थे। लेकिन भनक लग जाने की वजह से मौके पर कुछ नहीं मिल पाया। यह नकली दवा पूरे भारत में सप्लाई हो रही थी। अब शासन स्तर से नकली दवा बनाने, सप्लाई करने और बेचने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिसमें स्वास्थ्य विभाग, ड्रग विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी रहेंगे। इस धंधे की छोटी मछलियों के साथ ही बड़ी मछलियों की धड़पकड की जाएगी। सीएमओ हरिद्वार डॉ. एचडी शाक्य ने बताया कि दवा की सैंप¨लग शुरू कराई जा रही है। नकली दवा बेचने और बनाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मेडिकल स्टोर पर अनिवार्य रुप से लें पक्का बिल

रुड़की: दवा की पै¨कग को देखकर असली और नकली दवाओं में फर्क करना संभव नहीं है। सैंप¨लग होने के बाद ही दवा के असली और नकली होने का पता चल सकता है। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में तमाम मेडिकल स्टोर स्वामी नकली दवा बेच रहे हैं। हालांकि, नकली दवा की फैक्ट्री पकड़ने के जाने के बाद से विभाग अब दवाओं की सैंप¨लग कराने की तैयारी कर रहा है। सीएमओ डॉ. एचडी शाक्य ने बताया कि जिस मेडिकल स्टोर्स से दवा खरीदें उसका पक्का बिल अनिवार्य रुप से बनायें। क्योंकि बिल बनाने में दवा विक्रेता को सभी एंट्री करनी होगी। ऐसे में यदि दवा विक्रेता नकली दवा बेचेगा, तो वह पकड़ में आ जाएगा। जानलेवा है नकली दवा

रुड़की: मरीज को मेडिकल स्टोर से नकली दवा मिलेगी तो वह कैसे ठीक होगा। सीएमओ डॉ. एचडी शाक्य ने बताया कि पकड़ी गई नकली दवा एंटी बयोटिक है। एंटी बायोटिक दवा बीमारी को ठीक करने के लिए दी जाती है। लेकिन उनके स्थान पर यदि मरीज नकली दवा खायेगा तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती है।

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दो मुख्य सूत्रधारों के नाम आए सामने, तलाश में दी दबिश

रुड़की: यूपी और उत्तराखंड ड्रग विभाग की संयुक्त पड़ताल में अभी दो लोगों के नाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि यह दोनों ही नकली दवा बनाने के मुख्य सूत्रधार है। सैनिक कालोनी, शिवपुरम और रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में चल रही नकली दवाओं की फैक्ट्री से इन दोनों का ही ¨लक है। पकड़े गए रविकांत निवासी सैनिक कालोनी और शिवपुरम निवासी राजेंद्र ¨सह उर्फ अरुण ने भी पूछताछ में भी विपिन कुमार और सचिन नाम के दो व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। औषधी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि विपिन कुमार पूर्व में नकली दवा के एक मामले में पकड़ा जा चुका है। विपिन और सचिन ही नकली दवा पै¨कग के लिए इन फैक्ट्रियों में पहुंचाते थे। पुलिस और ड्रग विभाग की टीम दोनों की तलाश में जुटी हुई है।

Posted By: Jagran