जागरण संवाददाता, रुड़की: गन्ना मूल्य भुगतान समय पर न होने से किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। किसानों ने 20 सितंबर को बुलाई महापंचायत में विधायकों को घेरने की भी तैयारी कर ली है। भुगतान न होने की स्थिति में किसान सत्ता पक्ष के विधायकों के आवासों पर जाकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

जिले के 66 हजार गन्ना किसान अपने 386 करोड़ रुपये के लिए इन दिनों सड़कों पर है। गन्ने की दूसरी फसल आने वाली है, लेकिन पिछली फसल का पूरा भुगतान नहीं मिल पाया है। उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने रुड़की कचहरी में 20 दिन से धरना दिया हुआ है। किसानों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि सत्ता पक्ष के विधायक चीनी मिलों के खिलाफ एक शब्द बोलने को तैयार नहीं है। उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि जिले के किसानों ने भाजपा को वोट दिया। इसके बावजूद किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 20 सितंबर को महापंचायत बुलाई गई है। किसान क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कटार ¨सह ने कहा कि आज जिले में ऐसी स्थिति हो गई है कि चीनी मिलों के खिलाफ भाजपा का एक भी विधायक बोलने को तैयार नहीं है। किसानों में आक्रोश है और सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधियों को इसका खामियाजा भुगतना होगा।

'गन्ना किसान सड़क पर है, लेकिन यह सरकार किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान देने को तैयार नहीं है। विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया जाएगा।'--काजी निजामुद्दीन विधायक मंगलौर

----

'प्रदेश सरकार गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर गंभीर है। चीनी मिलों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इकबालपुर को छोड़ दें तो शेष मिलों ने इस माह में अधिकांश भुगतान करने की बात कही है'--मदन कौशिक कैबिनेट मंत्री

Posted By: Jagran