रुड़की, [जेएनएन]: पुलिस कर्मी बनकर दो युवकों ने पहले कारोबारी की पत्नी के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। इसके बाद उसके जेवरात साफ कर दिए। आरोपियों ने खतरे का डर दिखाते हुए उसके जेवरात एक लिफाफे में रखवा दिए। बाद में जब महिला लिफाफा खोला तो उसमें नकली जेवरात थे।

सिविललाइंस निवासी इंद्रप्रकाश गुप्ता एक पेय एजेंसी के संचालक है। सिविल लाइंस में विशाल मेगामार्ट के पास उनका आवास है। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे वह घर से घूमने के लिए निकली थी। जैसे ही वह घर से करीब 200 मीटर दूर गई तो पीछे से आए दो युवकों ने उन्हें आवाज लगाकर रोक लिया। 

एक युवक ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि आगे खतरा है। वह सोने के कंगन और अन्य जेवरात पहनकर आगे न जाएं। इनमें से एक युवक ने उनके पैर भी छुए, जिस पर उन्होंने उसके सिर पर हाथ रखकर उसे आशीर्वाद भी दिया। इसी बीच एक युवक ने उन्हें लिफाफा देते हुए कहा कि जेवरात इसमें डाल दें। 

उसकी बातों में आकर महिला ने सोने के कंगन लिफाफे में डाल दिये। जब महिला ने कुछ देर बाद घर जाकर यह लिफाफा खोला तो उसमें नकली कंगन मिले। महिला ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। जिसके बाद परिजनों कोतवाली सिविल लाइंस पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। 

इस पर शनिवार दोपहर को कारोबारी गगन आहूजा समेत कई कारोबारी कोतवाली सिविल लाइंस पहुंचे। यहां पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की। कोतवाली में मौजूद सीओ स्वप्न किशोर सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें रवाना किया।

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Edited By: Sunil Negi