संवाद सहयोगी, रुड़की : शहर में ईस्टर-डे पर चर्चों में प्रार्थना सभाएं की गई। इस अवसर पर प्रभु यीशु के गीत गाये गए। चर्च में पादरियों ने ईस्टर का महत्व बताया। साथ ही बुराइयों को छोड़ अच्छाई के साथ जीवन जीने का संदेश दिया।

शहर के आरपी चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान पादरी अजय एस मसीह ने बताया कि ईस्टर के दिन प्रभु यीशु ने फिर से जन्म लिया था। उन्होंने बताया कि यीशु ने उन लोगों को माफ कर दिया था जिन्होंने उन्हें कष्ट दिया था। इसलिए ईस्टर शत्रुता को भुलाकर माफ करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यीशु ने जो संदेश दिए हैं सभी को उसका पालन करना चाहिए। इस अवसर पर एल्डर जॉन बी, जॉनसन, पीटर, विनय जॉन, ट्रिजा जैकब, सुरेश जैकब, जॉर्डन डेविड, रानी वर्नाड, ग्लैडविन लॉरेंस, रोबिन जोसफ, अतुल जॉन, श्वेता, अर्पित, विनीता, रूबी, विक्टर मसीह, सुषमा दास, मोरिस प्रधान, अंचला प्रधान, आर्थर, अमन, विक्टोरिया आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर सेंट एंड्रूज चर्च में पादरी किशन मसीह ने कहा कि गुड फ्राइडे पर यीशु पर जुल्म ढाए गए और उन्हें सूली पर चढ़ाया गया और उन्होंने तीसरे दिन ईस्टर पर पुनर्जन्म लिया था। यीशु ने उन लोगों को माफ कर दिया, जिन्होंने उन्हें यातनाएं दी। उन्होंने कहा इसका उद्देश्य है कि समस्त मानव जाति बुराई के रास्तों को छोड़कर अच्छे मार्ग पर चले। इस अवसर पर सुदीप घोष, डेसिफ, अनीत वी सिंह, आशीष, विशाल सैम्युल, एनी, दीपा स्टीफन, प्रिया राज एवं सीमा लाल आदि मौजूद रहे।

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