संवाद सहयोगी, रुड़की : रुड़की नकली दवा की मंडी बन गया है। शहर में ही नकली दवा बनाने का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। लेकिन जिम्मेदार महकमे को इसकी भनक तक नहीं लगी। उत्तर प्रदेश की औषधी विभाग की टीम ने दवा के इस काले कारोबार को उजागर कर स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है।

रुड़की शहर में एक-दो नहीं बल्कि कई स्थानों पर नकली दवा बनाने का धंधा चल रहा है। अमरोहा से आई औषधी विभाग की टीम ने छापे मारकर इस बात को उजागर भी कर दिया है। औषधी निरीक्षक नरेश मोहन की मानें तो रुड़की और आसपास नकली दवा बनाने का काम बड़े स्तर चल रहा है। तीन फैक्ट्रियों को पकड़ने के बाद भी उनका कहना है कि और जगहों पर दवा फैक्ट्री होने की सूचना है। जिन फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई है वह बाहरी क्षेत्र में नहीं थी। यह फैक्ट्रियां कॉलोनी और औद्योगिक क्षेत्र में चल रही हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि यह फैक्ट्रियां पिछले कई सालों से संचालित हैं। इस सबके बाद भी स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक नहीं लग पाई है। इन फैक्ट्रियों में नकली दवाएं तैयार होकर मेडिकल स्टोर पर बिकती रही। बावजूद इसके विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। पिछले साल राजस्थान में नकली दवा पकड़ी गई थी। यह दवा भगवानपुर की एक दवा कंपनी में बनी थी।

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