संवाद सूत्र, भगवानपुर: कस्बे की सफाई व्यवस्था लचर है। गलियों और सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है। गंदगी से पैदा होने वाले मच्छर लोगों को बीमार कर रहे हैं। सीएचसी पर रोजाना इलाज को आने वाले मरीजों में आधे से ज्यादा संख्या बुखार पीड़ितों की है। खून की जांच में कई को मलेरिया की पुष्टि हो रही है। नगर पंचायत अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़े है। इससे स्थानीय लोगों में रोष पनप रहा है।

करीब पांच साल पहले भगवानपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिला। चार ग्राम पंचायतों को जोड़कर नगर पंचायत का गठन किया। नगर पंचायत से जुड़े मक्खनपुर, खानपुर ग्राम पंचायत की बात तो छोड़ए कस्बे की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे हैं। गंदगी से नालियां अटी है। गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। मजबूरी में लोग गंदगी से होकर निकलने को विवश हैं। गंदगी से पनप रहे मच्छर लोगों को बीमार कर रहे हैं। सीएचसी पर इन दिनों ओपीडी में 250 के करीब मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं। सीएचसी प्रभारी की मानें तो इनमें से आधे बुखार से पीड़ित हैं। बुखार के कहर के बीच मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र से सभी दवाइयां नहीं मिल रही है। बच्चों के पीने की दवाई, टॉनिक आदि न होने से मजबूरी में डाक्टरों को बाहर की दवाइयां लिखनी पड़ रही हैं। इधर बुखार के कहर से कराह रहे मरीजों में नगर पंचायत के खिलाफ भी रोष पनप रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीमारियों के प्रकोप के बावजूद जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट नही है। जल्द साफ सफाई बेहतर न हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

वर्जन

सफाई कार्यों के लिये पर्याप्त संसाधन नहीं है। संसाधन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे है। निकास नालियों का निर्माण न होने से पानी सड़क पर बह रहा है। इसका एस्टीमेंट बना दिया गया है।

शाहिद अली, ईओ, नगर पंचायत

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कस्बे में बुखार के बहुत मरीज हैं। रोजाना सीएचसी पर 100 से 125 मरीज इलाज को आ रहे हैं। नगर पंचायत को सफाई की ओर ध्यान देना चाहिए।--विक्रांत सिरोह, सीएचसी प्रभारी

Posted By: Jagran