जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Makar Sankranti 2021 स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की सुविधा को देखते हुए मेला पुलिस ने शहर के अंदरूनी यातायात प्लान में फेरबदल किया। जिससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी जाने के लिए कम पैदल चलना पड़ा, बल्कि आम यात्री और स्थानीय निवासियों को भी सहूलियत हुई। वहीं, बाहरी श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था भी कारगर रही है।

मकर सक्रांति स्नान पर्व पर शहर के अंदरूनी यातायात व्यवस्था के लिए तय किया गया था कि ऑटो, विक्रम, ई-रिक्शा आदि लोकल यात्री वाहन ऋषिकुल तिराहे पर रोके जाएंगे। इससे आगे सिर्फ दुपहिया वाहन और डाकघर से आगे सिर्फ पैदल श्रद्धालु ही हर की पैड़ी जा सकेंगे। ऐसी स्थिति में हरिद्वार रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे से ज्वालापुर, कनखल व भेल की तरफ आने वाले यात्रियों को करीब तीन किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ता।

वहीं, बस अड्डे और स्टेशन से हर की पैड़ी जाने में भी श्रद्धालुओं को करीब पांच किलोमीटर की दूरी नापने पड़ती। लेकिन गुरुवार की सुबह आइजी कुंभ संजय गुंज्याल ने मेला एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी व एसपी यातायात आयुष अग्रवाल से विचार विमर्श करने के बाद परिस्थितियों के अनुसार फेरबदल के निर्देश दिए। जिसके बाद ऑटो रिक्शा और विक्रम को शिव मूर्ति चौक तक जाने दिया गया। इससे आगे ब्रह्मपुरी तिराहे तक श्रद्धालु ई रिक्शा से पहुंचे। जबकि अपने निजी दुपहिया वाहन से श्रद्धालु अपर रोड से होते हुए हरकी पैड़ी तक भी पहुंचते रहे।

नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय निवासियों और आम यात्रियों को भी सहूलियत हो गई है। वहीं मुजफ्फरनगर व दिल्ली की ओर से आने वाले श्रद्धालु लंढौरा से वाया लक्सर होते हुए हरिद्वार पहुंचे। वहीं, सहारनपुर की तरफ से आने वाले श्रद्धालु भगवानपुर से झबरेड़ा, लंढौरा व लक्सर मार्ग से हरिद्वार आए। जिससे जाम की समस्या पैदा नहीं हुई।

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