गुडलक के लिए दांतों में गैप बनाने का अनूठा चलन, डेंटल ओपीडी में पहुंच रहे लोग
रुड़की में लोग सुंदरता और सौभाग्य के लिए अपने आगे के दांतों के बीच गैप बनवा रहे हैं, जिसे वे शुभ मानते हैं।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अजुज कटारिया, रुड़की। बदलते दौर में लोग सुंदरता और सौभाग्य के लिए किसी भी हद से गुजर जाने को तैयार हैं। इसकी बानगी रुड़की में देखने को मिल रही है। यहां सिविल अस्पताल की डेंटल ओपीडी में इन दिनों बड़ी संख्या में लोग आगे के दांतों के बीच गैप बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
पिछले दो माह में इनकी संख्या 70 से अधिक पहुंच चुकी है। इनका मानना है कि दांतों के बीच गैप होना सौभाग्य की निशानी है और इससे सुंदरता भी निखर जाती है। इंटरनेट मीडिया और अलग-अलग देशों में प्रचलित मान्यताओं के कारण भी इस तरह की मांग बढ़ी है। दंत चिकित्सकों के मुताबिक दांतों के बीच प्राकृतिक गैप को चिकित्सकीय भाषा में डायस्टेमा कहा जाता है।
विभिन्न कारणों से हो सकता है दांतों में गैप
दंतविशेषज्ञ डॉ. प्रीति तोमर ने बताया कि दांतों के बीच गैप कई कारणों से हो सकता है। जबड़े और दांतों के आकार में अंतर, दांतों की स्थिति या मसूड़ों के पास मौजूद ऊतक इसके कारण हो सकते हैं। किसी मान्यता या ट्रेंड के चलते दांतों में बदलाव कराने से पहले दंतविशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। दांतों की संरचना में किसी भी तरह का बदलाव सोच-समझकर ही कराया जाना चाहिए।

सुंदरता और सौभाग्य का प्रतीक दांतों में गैप
सिविल अस्पताल की दंत विशेषज्ञ डॉ. प्रीति तोमर बताती हैं कि आमतौर पर लोग आगे के दांतों के बीच गैप होने पर उसे बंद कराने के लिए आते हैं, लेकिन वर्तमान में उलट तस्वीर देखने को मिल रही है। दरअसल, कुछ देशों में दांतों के बीच गैप को सुंदरता एवं सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। फ्रांस में आगे के दांतों के बीच के गैप को ‘डेंट्स डु बोन्हुर’ (सौभाग्य या खुशी के दांत) कहा जाता है। इसे खूबसूरती और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, जिसे कई फ्रांसीसी हस्तियों ने भी अपनाया है। पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी आगे के दांतों के बीच गैप को सुंदरता और आकर्षण का हिस्सा माना जाता है।
राजनीति और फिल्म क्षेत्र की हस्तियां भी शामिल
राजनीति और फिल्म क्षेत्र की कई हस्तियां भी इन सौभाग्यशाली लोगों में शामिल हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के आगे के दोनों दांतों में गैप है। इसके अलावा अभिनेत्री सोनम कपूर, मधुबाला से लेकर कई हस्तियों के दांत भी प्राकृतिक रूप से ऐसे रहे हैं।
सामुद्रिक शास्त्र में दांतों की बनावट का विशेष महत्व
सामुद्रिक शास्त्र में दांतों की बनावट और उनके बीच की स्थिति का विशेष महत्व बताया गया है। दांतों के बीच खाली स्थान को चंद्रमा से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि ऐसे स्थान पर चंद्रमा का प्रभाव फलित होता है। जिन लोगों के दांतों के बीच हल्की खाली जगह होती है, उन्हें सौभाग्यशाली माना जाता है। — आचार्य हर्षिति गोदियाल, अध्यक्ष, उत्तराखंड विद्वत सभा, रुड़की

सीडीओ डा. ललित नारायण मिश्र ने बताया कि उनके दांतों में जन्मजात गैप है। उनका कहना है कि ज्योतिषी मान्यताओं में इसका अलग ही महत्व है और यह उनके लिए भाग्यशाली है।
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