संवाद सूत्र, लक्सर: वन विभाग की टीम ने नगर व खेडी गांव में घुसे मगरमच्छों को पकड़कर बाणगंगा में छोड़ दिया, वहीं लक्सर गांव में आबादी क्षेत्र में मौजूद तालाब में मगरमच्छों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग को मगरमच्छों की मौजूदगी की सूचना दी है।

क्षेत्र में मगरमच्छों की आबादी क्षेत्र में घुसपैठ नई बात नहीं है। गंगा क्षेत्र के गांवों में मगरमच्छों के आबादी क्षेत्र में घुस आने के मामले आये दिन सामने आते रहते हैं। इस बीच शनिवार को एक मगरमच्छ नगर के रुड़की मार्ग पर आबादी क्षेत्र में घुस आया। शनिवार को रुड़की मार्ग पर स्थित एक मंदिर में कुछ लोग पूजा के लिए गए थे। इस दौरान यहां मौजूद एक मगरमच्छ पर उनकी निगाह पड़ी तो उनके होश उड़ गए। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा मगरमच्छ को पकड़कर बाणगंगा में छोड़ दिया गया। पिछले दिनों खेडी गांव के ग्रामीण ने गांव में स्थित मछली पालन के तालाब में मगरमच्छ घुसा होने की जानकारी जिलाधिकारी को दी थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ने के लिए गई थी, लेकिन उस समय मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी थी।

शनिवार को मगरमच्छ के पानी के बाहर निकल आने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा तालाब के बाहर मौजूद मगरमच्छ को पकड़ लिया और उसे बाणगंगा में छोड़ दिया।

नगर के लक्सर गांव वार्ड में स्थित तालाब में दो मगरमच्छ अब भी हैं। ग्रामीण इससे दहशत में हैं और तालाब के सामने जाने से कतरा रहे हैं। इसके अलावा नगर के सीमली मोहल्ला में नाले में मगरमच्छ की मौजूदगी बनी हुई है। वन क्षेत्राधिकारी आन ¨सह कांडली ने बताया कि जिन स्थानों पर मगरमच्छों की मौजूदगी की सूचना है, वहां से मगरमच्छों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जा रहा है।

Posted By: Jagran