अनूप कुमार, हरिद्वार: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्रीपंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में सीबीआइ के जल्द हरिद्वार आने की संभावना है। बताया जा रहा है कि हरिद्वार में दो दर्जन से ज्यादा लोग सीबीआइ के राडार पर हैं। इनमें कुछ संतों के साथ ही बिल्डर और आनंद गिरि को संरक्षण देने वाले शामिल हैं। चार पुलिस अधिकारियों के नाम की भी चर्चा है। इनसे पूछताछ की जा सकती है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

निरंजनी अखाड़ा के श्रीमहंत रविद्र पुरी ने रविवार को दैनिक जागरण से फोन पर हुई बातचीत में जानकारी दी कि मामले की जांच कर रही सीबीआइ की टीम को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। श्रीमहंत ने दोहराया कि नरेंद्र गिरि की मौत का सच सामने आना चाहिए। कहा कि, इस मामले में किसी साजिश की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। सीबीआइ जांच में आनंद गिरि के मोबाइल और ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के मोबाइल फोन से मिली जानकारी की पड़ताल की जा रही है।

इधर, सूत्रों ने बताया कि सीबीआइ के पास हरिद्वार के 28 ऐसे लोगों की सूची है, जिनसे उसे इस मामले में पूछताछ करनी है। उत्तराखंड के चार पुलिस अधिकारियों के नाम भी इसमें शामिल बताए जा रहे हैं। यह बात भी सामने आ रही है कि बाघम्बरी मठ की कुछ संपत्तियों के पूर्व में हुए सौदों को श्रीमहंत नरेंद्र गिरि रद कर मठ के पक्ष में वापस लेने की पहल कर रहे थे। यह बात संपत्ति कब्जा करने की मंशा पाले लोगों को रास नहीं आ रही थी। इनमें हरिद्वार के भी कई लोग शामिल बताए जा रहे हैं। सीबीआइ टीम के जांच के सिलसिले में जल्द हरिद्वार आने की जानकारी सामने आने के बाद से इन लोगों में हलचल है।

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