संवाद सूत्र, लक्सर: एक युवक ने घर में 90 हजार की अपनी जमा-पूंजी पॉलीथिन में छिपाकर रखी थी, जिसे रात खाने की लालच में घर घुसी बिल्ली ले उड़ी। इसमें से अधिकांश नोट रास्ते में इधर-उधर बिखर गए, जिन्हें लोगों ने उठा लिया। अगले दिन सुबह तलाश करने पर युवक को पॉलीथिन तो मिल गई पर, महज आठ हजार रुपये ही उसके हाथ लगे। अब वह उस दिन को कोस रहा है, जब उसने पॉलीथिन में छिपाकर रकम घर में रखी। घटना लक्सर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

मामला लक्सर कोतवाली के कुतुबपुर गांव का है। गांव निवासी युवक युनुस दुकान चलाता है। युवक अपनी दुकान की बिक्री के पैसों की बचत को घर ले जाकर रोजाना एक पॉलीथिन में रखकर पॉलीथिन को एक प्लास्टिक के बॉक्स में रख देता था। युवक के अनुसार इस प्रकार करते-करते पॉलीथिन में 90 हजार रुपये की धनराशि जमा हो गई थी। बीती रात को भी पॉलीथिन में पैसे रखकर उसने उसी बॉक्स में रख दिया था। बताया कि रात के समय कहीं से एक बिल्ली उसके घर में घुस आई तथा खाने-पीने का सामान तलाशते हुए बॉक्स तक पहुंच गई। बिल्ली ने बॉक्स में रखी पॉलीथिन को बाहर खींच लिया तथा उसे खींचते हुए बाहर ले गई। इस दौरान उसमें मौजूद नकदी इधर-उधर बिखरने लगी। रात के समय सड़क पर नोट गिरे देख आने-जाने वालों ने उसे उठा लिया। बिल्ली पॉलीथिन को गांव के निकट ही खेतों की ओर खींच कर ले गई। उसने उसमें मौजूद कई नोटों को दांत व पंजों से फाड़ दिया और बाकी नोट व पॉलीथिन वहीं छोड़कर चली गई।

सुबह युवक को बॉक्स से पॉलीथिन गायब मिली तो उसके होश उड़ गए। तलाश करते-करते जब वह बाहर निकला तो खेत से पॉलीथिन और फटे-चिथड़े नोट उसे मिले। पर, उसमें से महज करीब आठ हजार रुपये ही उसे मिल सके। कई नोट फटे हुए पड़े मिले। इसके बाद उसे माजरा समझ में आया। रात के समय कुछ राहगीरों को नोट मिलने की जानकारी भी सामने आई। पर, यह पता नहीं सका कि नोट किसे मिले।

Posted By: Jagran

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