रुड़की, जेएनएन। औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने शनिवार देर रात छापा मारकर एक नकली दवा कंपनी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस फोर्स के साथ की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने फैक्ट्री से करीब सात लाख पैक्ड टैबलेट बरामद की हैं। मौके से ब्रांडेड कंपनी के कवर, बेस और स्टैंप भी बरामद की है। दवा बनाने वाली मशीनों को भी टीम ने जब्त कर लिया है। कंपनी संचालक सहित सात लोगों को हिरासत में लिया है। 

औषधि नियंत्रण विभाग को सूचना मिली थी कि गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के रामनगर औद्योगिक क्षेत्र सलेमपुर में नकली दवा बनाने वाली एक फैक्ट्री चल रही है, जिसमें एक ब्रांडेड कंपनी की टैबलेट तैयार की जाती हैं। इस पर ड्रग इंस्पेक्टर हरिद्वार मानवेंद्र सिंह राणा ने गंगनहर कोतवाली पुलिस के साथ शनिवार देर रात वाईडीआर फॉमूलेशन कंपनी में छापा मारा। कंपनी के भीतर उस समय भी नकली दवा बनाने का काम चल रहा था। वे लोग भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने दवा कंपनी के संचालक समेत सात लोगों को हिरासत में ले लिया। टीम ने ब्रांडेड कंपनी के नाम पर बनाई गई सात लाख तैयार पैक्ड टैबलेट भी बरामद की हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में बिना पैकिंग की टैबलेट भी वहां मिली हैं। टीम ने टैबलेट की पैकिंग मशीन, कंप्रेशर, स्टैंप, कटिंग मशीन, फोइल प्रिटिंग मशीन, फोइल एवं बेस कवर भी बरामद किया है। 

ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि कंपनी के पास फूड लाइसेंस है, जिसकी आड़ में दवा बनाई जा रही थी। ब्रांडेड कंपनी की गैस एवं एसीडिटी में इस्तेमाल होने वाली करीब सात लाख टैबलेट बरामद हुई हैं। ब्रांडेड कंपनी के दिल्ली से आए अधिकारी भी उनके साथ रहे। दवा बनाने में इस्तेमाल हो रही मशीनों को जब्त कर लिया है। दवाओं की ज्यादा सप्लाई उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में की जा रही थी। मामले में गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इस मौके पर देहरादून ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार, ब्रांडेड दवा कंपनी के अधिकारी एसडी शर्मा आदि मौजूद रहे। 

Posted By: Sunil Negi

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