जागरण संवाददाता, रुड़की: केएलडीएवी पीजी कॉलेज में हुए छात्र संघ चुनाव में इस वर्ष एनएसयूआइ ने छह में से चार पदों पर जीत दर्ज कर अपना परचम लहराया। अभाविप को केवल दो पदों पर ही जीत हासिल कर संतोष करना पड़ा। जबकि पहली बार चुनाव मैदान में उतरे बहुजन छात्र संघ का सूपड़ा साफ हो गया। अध्यक्ष पद पर एनएसयूआइ की निधि रानी ने कब्जा किया। निधि को कुल 415 वोट प्राप्त हुए। जबकि दूसरे नंबर पर आने वाले बहुजन छात्र संघ के अंकित कुमार ¨सह को 220 मत मिले। अभाविप के दीपांशु शर्मा 188 वोट प्राप्त कर तीसरे नंबर पर रहे। वहीं महासचिव पद पर अभाविप के आकर्ष कुमार ने 403 वोटों से जीत दर्ज की।

केएलडीएवी पीजी कॉलेज में शनिवार को छह पदों के लिए चुनाव हुआ। एनएसयूआइ ने अध्यक्ष, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और सांस्कृतिक सचिव पद पर कब्जा किया। जबकि उपाध्यक्ष और महासचिव पद पर अभाविप के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। सुबह साढ़े आठ बजे मुख्य चुनाव अधिकारी डा. वंदिता श्रीवास्तव और प्राचार्या डा. यशोदा मित्तल की उपस्थिति में पो¨लग एजेंट की नियुक्ति की गई। सुबह नौ बजे से मतदान शुरू हुआ। पो¨लग बूथ के बाहर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। दोपहर एक बजे तक कॉलेज में मतदान हुआ। कुल 1476 मतदाताओं में से 824 छात्र-छात्राओं ने मतदान किया। इनमें 410 छात्र और 414 छात्राएं शामिल रही। मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव परिणामों की घोषणा की गई। उपाध्यक्ष पद पर अभाविप की आयुशी शर्मा ने 379 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की। दूसरे नंबर पर 371 वोटों के साथ एनएसयूआइ के मोहम्मद शारीक रहे। संयुक्त सचिव पद पर एनएसयूआइ के विशाल कुमार ने 352 वोटों के साथ कब्जा किया। कोषाध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआइ के ललित मोहन बिष्ट ने 377 वोटों के साथ जीत दर्ज की। जबकि सांस्कृतिक सचिव पद पर एनएसयूआइ गौरव कुमार 362 वोट हासिल कर जीते। प्राचार्या डा. यशोदा मित्तल ने विजेता प्रत्याशियों को शपथ दिलाई। मतदान प्रक्रिया प्रशासन की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी केशवानंद डबराल की निगरानी में हुई। कॉलेज में चुनाव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चुनाव कोर कमेटी के सदस्यों में डा. एमपी ¨सह, डा. मंजुल धीमान, डा. पूर्णिमा श्रीवास्तव, डा. मिथलेश कुमारी, डा. तनवीर आलम एवं डा. नवीन कुमार शामिल रहे। इनसेट

मतों की फिर से गिनती करने की मांग की

रुड़की: एनएसयूआइ और अभाविप के उपाध्यक्ष पद के दावेदारों को मिले मतों में मात्र आठ मतों का अंतर आया। ऐसे में एनएसयूआइ प्रत्याशी की ओर से दोबारा मतगणना की मांग की गई। एनएसयूआइ के जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी का कहना है कि दोबारा से मतगणना एजेंट के सामने की गई। जबकि प्रत्याशी की ओर से उसके सामने वोटों की गिनती करवाने की मांग की गई थी। उनके अनुसार इसकी शिकायत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से की जाएगी। जीत-हार पर संगठन पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया

रुड़की: गत वर्ष केएलडीएवी पीजी कॉलेज में हुए छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआइ का सपूड़ा साफ हो गया था और अभाविप ने सभी छह पदों पर जीत हासिल की थी लेकिन इस बार एनएसयूआइ ने पिछले वर्ष की हार का करारा जवाब दिया है। एनएसयूआइ के जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी के अनुसार उन्हें पूरा विश्वास है कि यदि महासचिव पद के उनके उम्मीदवार तुषार त्यागी का नामांकन रद्द नहीं होता तो इस पद पर भी एनएसयूआइ का कब्जा होता। अभाविप के प्रदेश सह प्रमुख गो¨वद कुमराड़ा के अनुसार उन्हें अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बदलना पड़ा था। इस वजह से तैयारी नाकाफी रह गई। अगले वर्ष फिर से पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने वाले हैं। बहुजन छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित कुमार पाटिल के अनुसार भले उनके प्रत्याशी किसी भी पद पर जीत हासिल नहीं कर पाए हैं लेकिन चुनाव में उनका प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है।

Posted By: Jagran