जागरण संवाददाता, रुड़की: सिविल लाइंस निवासी सुभाष सैनी ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में कैश डिपोजिट मशीन में 48 हजार का कैश जमा कराया। कैश जमा होने के बाद मशीन ने एरर दिखा दिया। तब से वह बैंक के चक्कर काट रहे हैं। यह स्थिति अकेले सुभाष सैनी की नहीं है, वरन अन्य उपभोक्ताओं की भी है। वह रोज वह बैंक में जाकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बैंक मशीन के लंबे समय से खराब होने की बात कह रहा है।

रुड़की शहर में जिस बैंक में भी कैश डिपोजिट मशीन लगी हुई है, वहां के अधिकांश स्टाफ का जवाब एक ही होता है कि काउंटर पर कैश जमा नहीं होगा। बाहर मशीन में जमा कर दो। काउंटर पर कैश जमा करने से अधिकांश लोग बच रहे हैं। सुभाष सैनी ने 22 जून को 48 हजार का कैश जमा किया, लेकिन पैसा अभी तक खाते में नहीं पहुंचा। इसी तरह से विपिन शर्मा ने 25 जून को कैश जमा किया, लेकिन 22 हजार रुपया खाते में नहीं पहुंचा। बड़ी संख्या में लोग शिकायत लेकर बैंक में पहुंच रहे हैं, लेकिन बैंक के स्तर से उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। लंबे समय से यह मशीन खराब है। बैंक अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद इसको न तो ठीक कराया जा रहा है और न इसे बंद किया जा रहा है। हर रोज ग्राहक के साथ ठगी हो रही है। इस संबंध में बैंक के मुख्य प्रबंधक अजय सक्सेना ने स्वीकार किया कि मशीन खराब है। उन्होंने बताया कि मशीन को बदले जाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।

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