जागरण संवाददाता, हरिद्वार: योगगुरु बाबा रामदेव ने गुरुवार सुबह कनखल से स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। आचार्य बालकृष्ण भी उनके साथ रहे। बाबा रामदेव ने कहा कि स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत की अवधारणा को साकार करने के लिए 'कानून और कर्तव्य' दोनों की जरूरत है। कहा कि सृष्टि मंदिर की तरह है, हमारा कर्तव्य बनता है कि हम ईश्वर निर्मित इस सृष्टि को मंदिर की तरह स्वच्छ व सुंदर रखें, यह किसी ब्रह्म आराधना से कम नहीं। उनके साथ ही देश भर में 680 से अधिक स्थानों पर भारत स्वाभिमान व पतंजलि योगपीठ के लाखों कार्यकर्ताओं ने भी इस अभियान को शुरू किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने, इसे पूरे देश में जनांदोलन का रूप प्रदान करने को बाबा रामदेव ने गुरुवार को कनखल के दिव्ययोग मंदिर स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हरकी पैड़ी के गऊघाट सहित अन्य घाटों पर भी सफाई अभियान चलाया। उन्होंने कहाकि हरिद्वार व ऋषिकेश सम्मानीय तीर्थ स्थली और विश्व में भारत की पहचान हैं, पर अब यहां फैली गंदगी से स्थानीय लोगों का सिर यहां आने वाले विदेशियों के सामने शर्म से झुक जाता है। बताया कि भारत स्वाभिमान और पतंजलि योगपीठ के लाखों कार्यकर्ता पूरे देश में फैली पतंजलि और भारत स्वाभिमान की शाखाओं के माध्यम से 680 से अधिक जिलों में एक साथ इस अभियान को चला रहे हैं। यह सभी कार्यकर्ता रोजाना दो घंटे देश को स्वच्छ व स्वस्थ बनाने को चलाए इस अभियान को देंगे।

बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कहाकि हमारा संकल्प 2019 में गांधी जयंती के 150 वें वर्ष संपूर्ण भारत को महात्मा गांधी के सपने की तरह स्वच्छ और सुंदर बनाने का है।

इस मौके पर पतंजलि के लगभग 20 ट्रैक्टर ट्रॉली और दो जेसीबी व हजारों कार्यकर्ताओं की मदद से भारी मात्रा में कूड़ा एकत्र कर व गंगनहर से निकाल कर नगर निगम की ओर से निर्धारित स्थान पर फेंका गया। इस मौके पर हरिद्वार मेयर मनोज गर्ग, भारत स्वाभिमान के मुख्य केंद्रीय प्रभारी डॉ. राकेश कुमार, मुख्य महिला केंद्रीय प्रभारी डॉ. सुमन, डॉ. यशदेव शास्त्री सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हरिद्वार-ऋषिकेश को लिया गोद

योगगुरु बाबा रामदेव ने स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत अभियान के तहत धर्मनगरी हरिद्वार और तीर्थ नगरी ऋषिकेश को गोद लेने की घोषणा भी की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहाकि ऐसा करने के पीछे उनका उद्देश्य ऋषि-मुनियों की तप स्थली रहे ऋषिकेश और हरिद्वार को उसके गौरव अनुरूप तीर्थ की गरिमा वापस प्रदान करना है। कहाकि आने वाले वर्षों में वे और उनके लोग दोनों शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए काम करेंगे।

पतंजलि योगपीठ में समाप्त हुआ स्वच्छता पखवाड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांधी जयंती 2 अक्टूबर को आरंभ किए स्वच्छ भारत अभियान के तहत पतंजलि योगपीठ में शुरू किए स्वच्छता पखवाड़े की गुरुवार को समाप्ति हो गई। यह जानकारी पतंजलि योगपीठ की ओर से जारी बयान में दी गई।