हरिद्वार, जेएनएन। योग गुरु बाबा रामदेव और शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मुंबई के पालघर में साधुओं की निर्मम हत्या की निंदा की है। पुलिसकर्मियों के सामने ही साधुओं की पीट-पीटकर हत्या ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जूना अखाड़े के दो साधुओं की निर्मम हत्या की गई है, वह भारत के माथे पर एक बड़ा कलंक है। महाराष्ट्र सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

योगगुरु बाबा रामदेव ने एक बयान में कहा कि जो साधु विश्व के कल्याण के लिए होता है, उसको इस तरह क्रूरता, बर्बरतापूर्वक मारना बेहद ही निदंनीय है। इससे धर्म, देश और संस्कृति का अपमान हुआ है। इसमें जो भी दोषी हैं, उनके ऊपर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के लाखों साधु-संत इसकी घोर निंदा ही नहीं करते हैं, बल्कि जब तक दोषियों के खिलाफ कोई बड़ी सार्थक कार्रवाई नहीं हो जाती है, तब तक साधु-संत मौन नहीं बैठेंगे। इसके लिए यदि कोई बड़ा आंदोलन भी करना पड़े तो पीछे नहीं हटा जाएगा। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद और तमाम देश के वरिष्ठ संत अगर आंदोलन शुरू करते हैं तो वह उनके साथ हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। उधर, ज्योतिष पीठ, हिमालय/ शारदीय पीठ, द्वारिका के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि साधुओं की निर्मम हत्या भारतीय संस्कृति एवं हिंदू समाज के लिए विचाणीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रकृति आतंकवादी ही कर सकते हैं। यह घटना बहुत ही निदंनीय है। जिस प्रकार से पुलिस की मौजूदगी में साधुओं की हत्या की गई है, वह पुलिस प्रशसन के लिए बेहद शर्मनाक है। कहा कि मुख्यमंत्री इस पर त्वारित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करें। यह घटना द्वारका पीठ के धार्मिक क्षेत्र में होने से वह मांग करते हैं कि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई कर उन्हें अवगत भी कराया जाए।

हत्यारों पर हो कड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र में जूना अखाड़े के दो संतों की हत्या को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज ने कहा कि इससे भी बड़े शर्म की बात तो यह है कि शिवसेना जैसी पार्टी अपने आपको हिंदूवादी कहती है और उन्हीं की सत्ता के होते संत समाज के साथ इतना बड़ा अत्याचार हो रहा है। कहा कि इसे कभी भी माफ नहीं किया जा सकता। श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज ने कहा कि यदि महाराष्ट्र सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की तो संत समाज महाराष्ट्र में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

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षड्यंत्र से हुई साधुओं की हत्या: अच्युतानंद

भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने एक बयान में कहा कि साधुओं की हत्या पुलिस और एक वर्ग विशेष के लोगों के समूह का ही षड्यंत्र है। इसके पीछे एक बहुत बड़ी कूटनीति है। उन्होंने दोषियों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र भेजकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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Posted By: Sunil Negi

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