हरिद्वार, जेएनएन। एडिशनल एसपी पर यौन उत्पीड़न के मामले में आखिर वही हुआ, जिसकी चर्चा पूरे पुलिस महकमे में सुनी जा रही थी। एएसपी के लिखित माफी मांगने पर पीड़िता ने जांच कमेटी के सामने पेश होकर कार्रवाई से इन्कार कर दिया। शिकायतकर्ता के पीछे हटने से एएसपी कानूनी कार्रवाई से फिलहाल बच गए, मगर विभागीय कार्रवाई की तलवार अभी भी लटकी हुई है।

हरिद्वार में सीओ सिटी के पद पर तैनात रहे एएसपी परीक्षित कुमार पर पिछले दिनों एक महिला कांस्टेबल ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। तत्कालीन एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने मामले की जांच के लिए एसपी सिटी ममता वोहरा की अगुआई में कमेटी बनाई थी। बीते शुक्रवार को पीएचक्यू ने एएसपी को इंटेलिजेंस मुख्यालय से अटैच कर दिया। पहले दिन से ही मामला रफा-दफा करने के प्रयास होते रहे।

पीड़िता के भाई पर दबाव बनाने की चर्चाएं भी थी। इस बीच, सोमवार को पीड़िता इस बात पर राजी हो गई कि एएसपी लिखित रूप में माफी मांग लें, तो वह समझौते पर विचार कर सकती हैं। एएसपी परीक्षित कुमार ने अपनी गलती मानते हुए लिखित रूप में माफी मांगी। माफीनामे में लिखा गया है कि मुझसे गलती हुई थी। मैं माफी मांगता हूं। भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होगी। न कभी दबाव बनाऊंगा, न दोबारा संपर्क करूंगा। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी को सौंप दी।

जांच रिपोर्ट भेजी पीएचक्यू 

जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी (एसएसपी हरिद्वार) का कहना है कि परीक्षित कुमार ने यौन उत्पीड़न के मामले में माफी मांग ली है। पीड़िता ने उन्हें माफ करते हुए कानूनी कार्रवाई से मना कर दिया है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुझे सौंपी है। जिसमें विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है। चूंकि कार्रवाई शासन स्तर से होनी है, लिहाजा जांच रिपोर्ट पीएचक्यू भेज दी गई है। 

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Posted By: Sunil Negi

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