रुड़की, जेएनएन। इकबालपुर चीनी मिल की ओर से जारी गन्ने के भुगतान को किसानों के खाते में न भेजने पर जमकर बवाल हुआ। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति के अधिकारी जान बुझकर भुगतान में देरी कर रहे हैं। इसकी वजह से किसान परेशान है। किसानों और गन्ना समिति सचिव के बीच नोकझोंक भी हुई। सचिव के जल्द भुगतान देने की बात पर किसान सहमति हुए। 
इकबालपुर चीनी मिल की ओर से पिछले दिनों आठ दिन का गन्ना मूल्य भुगतान गन्ना समिति के खाते में देने का दावा किया था। समिति के अधिकारियों का कहना था कि चीनी मिल की ओर से अधूरा भुगतान किसानों के खाते में भेजा गया है। इसी बीच राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह भाटी के नेतृत्व में किसानों ने इकबालपुर गन्ना समिति कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। 
उन्होंने आरोप लगाया कि गन्ना समिति के अधिकारी जान बुझकर भुगतान देने में देरी कर रहे हैं। काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस पर गन्ना समिति सचिव कुलदीप तोमर ने बताया कि चीनी मिल की ओर से कम राशि दी गई थी। अब धनराशि आ गई है। इसके साथ ही किसानों के खाते में भुगतान भेज दिया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश महासचिव अनिल चौधरी, जिलाध्यक्ष पहल सिंह पंवार, मंडल अध्यक्ष युद्धवीर सिंह, अंकुरी त्यागी, मंगता हसन आदि मौजूद रहे। 
पर्चियों की तारीख बदलवाने को किसान काट रहे समितियों के चक्कर 
गन्ना पर्चियों की तारीख बदलवाने को किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान गन्ना समितियों के चक्कर काट रहे हैं। समितियों से किसानों को ज्वालापुर गन्ना समिति में भेजा जा रहा है। ऐसे में किसान परेशान हैं। 
गन्ना विभाग की ओर से गन्ना पर्चियों का वजन निर्धारित करने के साथ ही उनकी तारीख भी निर्धारित की गई है। जारी होने की तारीख से तीन दिन बाद तक किसान गन्ना तुलवा सकते हैं। पिछले सप्ताह रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश से गन्ने की तोल पर असर पड़ा। कई तोल केंद्रों के प्लॉट में पानी भर गया, जिसकी वजह से गन्ने की तोल नहीं हुई।
अब पर्चियों की तारीख निकल गई। ऐसे में किसान पर्चियों पर तारीख बदलवाने को भागदौड़ कर रहे हैं। गन्ना समितियों में अर्जी लगा रहे हैं, लेकिन गन्ना समितियों से किसानों को ज्वालापुर भेजा जा रहा है। ज्वालापुर में भी किसान परेशान है। किसान रिजवान अहमद, गुलजार आदि ने बताया कि गन्ना पर्चियां लेने को कई-कई दिन लग रहे हैं। इस संबंध में सहायक गन्ना आयुक्त शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि किसानों को परेशानी आ रही है तो इसका समाधान भी निकाला जाएगा। 

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