जागरण संवाददाता, रुड़की: भ्रष्टाचार एवं संगठन में गुटबाजी को बढ़ावा देने के आरोप में छह साल के लिए भाजपा से निष्कासित महापौर गौरव गोयल को लेकर पार्टी हाईकमान पूरी तरह से गंभीर है। इसके चलते शनिवार को भाजपा पार्षदों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी ने दावा किया कि सभी संगठन के साथ है। जल्द ही भाजपा पार्षद दल के नेता का चयन किया जाएगा।

रुड़की नगर निगम के वर्ष 2019 में चुनाव हुए थे। इस दौरान 40 पार्षद में से 18 पार्षद भाजपा के टिकट पर जीतकर आए थे। एक बसपा, दो कांग्रेस एवं बाकी निर्दलीय थे। महापौर गौरव गोयल भी भाजपा से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते थे। वर्ष 2020 में गौरव गोयल भाजपा में शामिल हो गए। इसके साथ ही 12 पार्षद भी भाजपा में शामिल हो गए। इस तरह से भाजपा के पार्षदों की संख्या 30 पहुंच गई। माना जा रहा था कि भाजपा का बहुमत होने के चलते बोर्ड ठीक से काम करेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बोर्ड में ही खींचतान रही। भाजपा के पार्षद ही दो गुट में बंट गए। एक महापौर के समर्थन में खड़े होते थे, तो दूसरे विरोध में। अब महापौर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। ताजा घटनाक्रम के चलते शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष डा. जयपाल सिंह, महामंत्री आदेश सैनी, मंडल अध्यक्ष प्रवीण सिधु ने सभी पार्षदों के साथ बैठक की।

पार्टी की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया कि सभी को एकजुट रहकर पार्टी की रीति-नीति पर चलना होगा। पहले जैसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। तय किया गया कि पार्षद दल का नेता जल्द ही चुना जाएगा। इसके लिए सभी कार्यकत्र्ता आपस में रायशुमारी करेंगे। मंडल अध्यक्ष प्रवीण सिधु ने बताया कि 15-16 पार्षद बैठक में उपस्थित रहे हैं। शेष पार्षद शहर से बाहर होने की वजह से नहीं आ सके। सभी एकजुट हैं। बताते चले कि एक पार्षद के निधन के बाद भाजपा के पार्षदों की संख्या बोर्ड में 29 है। बैठक में पार्षद नितिन त्यागी, नीतू शर्मा, नवनीत शर्मा, संजीव राय, मनोज कुमार, अनूप राणा, हेमा बिष्ट, चंद्रप्रकाश बाटा, धीरज पाल, पार्षद प्रतिनिधि संजीव तोमर, संजय कश्यप, जेपी शर्मा, मांगेराम पवार, विजय रावत, रमेश जोशी, सुबोध चौधरी आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran