संवाद सूत्र, बहादराबाद: बढ़ेड़ी राजपूतान में मामूली विवाद से शुरू हुई रंजिश ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर चले। झगड़े में दोनों पक्षों के कुल 13 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने गांव पहुंचकर झगड़ा शांत कराया और लहूलुहान हालत में घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है। लेकिन पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

पंद्रह दिन पहले बाग में बच्चों के अमरूद तोड़ने पर शाहनजर व शेर मोहम्मद पक्ष में झगड़ा हो गया था। दोनों पक्षों की तहरीर पर क्रास रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही थी। गांव के गणमान्य लोगों ने दोनों पक्षों के बीच फैसला करा दिया था। इसके बावजूद दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी। इसी बीच शाहनजर ने बताया कि उनके पक्ष के दो लोग मुन्तजिर व शाहवेज अपनी रिश्तेदारी सिकंदरपुर दूध देने जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में दूसरे पक्ष ने उनके साथ गालीगलौज कर दी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। उन्होंने घर पहुंचकर परिजनों को बताया। गुस्साए दूसरे पक्ष के लोग शेर मोहम्मद के मकान पर पहुंचे और गालीगलौज करने लगे। इसी बीच शेर मोहम्मद पक्ष के लोगों ने मकान की छत पर चढ़कर ईंट पत्थर फेंकने शुरू कर दिया। दोनों तरफ से जम कर लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर चलने लगे। एक पक्ष की ओर से बासिद, शाहनजर, साजिद, शराफत, मुंतजिर, फिजा, साजदा, शाहवेज और दूसरे पक्ष के शेर मोहम्मद, अंजुमन, सरफराज, उमरदराज, शाहवेज घायल हो गए। ग्रामीणों से सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मनोहर भंडारी मय पुलिस फोर्स गांव पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने बासिद, साजिद व फिजा की हालत को गम्भीर देखते हुए देहरादून रेफर कर दिया। गांव में तनाव बना हुआ है। थानाध्यक्ष मनोहर भंडारी ने बताया कि गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। तहरीर आने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

साध्वी की वीडियो बनाने पर हंगामा

शाहनजर पक्ष के घायलों को देखने जिला अस्पताल पहुंची साध्वी सविता ने बताया की जिला अस्पताल में शेर मोहम्मद पक्ष के लोगों ने उनकी वीडियो बनाई। विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता भी की गई। अस्पताल में हंगामा भी हुआ। साध्वी सविता ने जिला अस्पताल से थाना बहादरबाद पहुंचकर आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के चलते छोटे से विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप लिया है। पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए निस्पक्ष कार्यप्रणाली न अपनाकर एक पक्ष का सहयोग कर रही है।

Posted By: Jagran