जागरण संवाददाता, हरिद्वार: योग गुरु बाबा रामदेव के 18 वें संन्यास दीक्षा के मौके पर पतंजलि में कार्यक्रम का आयोजन किया। बाबा रामदेव ने कहा कि उनका संन्यास या संस्कृति पलायनवादी नहीं है। देश को राजनीतिक विकल्प पर बाबा ने कहा कि इस बारे में अपनी ओर से लोग कयास न लगाएं।

पतंजलि के आचार्यकुलम में संन्यास दीक्षा पर यज्ञ समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि उनके शिक्षा के दो गुरु रहे हैं, आचार्य प्रद्युम्मन महाराज व आचार्य बलदेव महाराज। संन्यास दीक्षा उन्हें 18 साल पहले स्वामी शंकरदेव महाराज ने दी। उन्होंने कहा कि हमारा संन्यास या संस्कृति पलायनवादी नहीं है। कर्मफल की इच्छा से रहित होकर जीना ही संन्यास है। उन्होंने कहा कि योग यात्रा उन्होंने शून्य से शुरू की, इस दौरान कई झंझावतों का सामना करना पड़ा। हमने कभी हिम्मत नहीं हारी। बाबा रामदेव ने कहा कि देश को राजनीतिक विकल्प देने के मामले में लोग अपनी ओर से कोई कयास न लगाएं। इस दौरान आचार्य बालकृष्ण, डॉ. जयदीप आर्य, राकेश कुमार, डॉ. सुमन, पतंजलि विवि के प्रतिकुलपति करतार सिंह, डॉ. जवाहर ठाकुर आदि मौजूद थे।

मोदी आएंगे पतंजलि

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अप्रैल को पतंजलि आएंगे। बाबा रामदेव सीबीएसई पैटर्न स्कूल 'आचार्यकुलम' खोलने जा रहे हैं। इस स्कूल की इमारत तैयार हो चुकी है। फिलहाल स्कूल में कक्षा पांच व कक्षा छह में एडमिशन होंगे। स्कूल में पचास फीसद पढ़ाई वैदिक व पचास फीसद माडर्न होगी। बाबा रामदेव ने बताया कि 26 अप्रैल को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी स्कूल का बतौर मुख्य अतिथि उद्घाटन करेंगे। देश के कई नामी संत महंत भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।

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