देहरादून, विजय जोशी। शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होने वाले नव सैन्य अफसरों के पास अन्य क्षेत्रों में भी कॅरियर बनाने के मौके थे। बावजूद इसके उनका जोश, जज्बा और जुनून था तो सिर्फ देश सेवा के लिए। रोहित शर्मा भी इन्हीं में से एक हैं।

पंजाब के नवां शहर जिले के बालाचौड़ निवासी रोहित शर्मा बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे। रोहित का पीसीएस में चयन हो गया था, लेकिन सेना में जाने का जुनून कुछ ऐसा था कि उन्होंने पीसीएस में जाने का विचार ही त्याग दिया। रोहित बताते हैं कि ‘काफी समय से आइएएस और पीसीएस की तैयारी कर रहा था, लेकिन मन में सेना बसी थी।’ पिता शिव शर्मा और माता मंजू शर्मा ने भी रोहित को अपने मन की करने की सलाह दी और हमेशा सपोर्ट किया।

पिता मेडिकल क्षेत्र में भेजना चाहते थे, मगर..: 

स्वॉर्ड ऑफ ऑनर अपने नाम करने वाले विनय विलास गारड़ ने साबित किया कि यदि कुछ करने की ठान ली जाए तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। महाराष्ट्र के उस्मानाबाद कस्बे से सटे भूम गांव के रहने वाले विनय के माता-पिता शिक्षक हैं। विनय के पिता विलास गारड़ कहते हैं कि वे बचपन से ही विनय को मेडिकल फील्ड में भेजना चाहते थे, लेकिन आठवीं कक्षा के बाद विनय की रुचि सेना के प्रति दिखने लगी तो उसे सैनिक स्कूल सतारा में दाखिला दिला दिया। यहां से निकलने के बाद विनय ने पहले प्रयास में एनडीए की परीक्षा पास कर आइएमए का रुख किया। आइएमए में प्रशिक्षण के दौरान भी उन्होंने साबित किया कि वे अनुशासन और जिम्मेदारी के निर्वहन में श्रेष्ठ हैं।

असफलता से हार नहीं मानी

टेक्निकल ग्रेजुएट ग्रुप में रजत पदक प्राप्त करने वाले शिवराज सिंह ने भी असफलताओं से निराश होने वाले युवाओं के सामने नजीर पेश की। जोधपुर राजस्थान के रहने वाले शिवराज पांच बार सीडीएस परीक्षा में असफल रहे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। कड़ी मेहनत और सेना के प्रति जुनून ने उन्हें मुकाम तक पहुंचा ही दिया। छठे प्रयास में वे सफल हुए।

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इतना ही नहीं, उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक अपने नाम किया। शिवराज ने कहा कि उनके पिता गजे सिंह भी सेना में अफसर हैं और उन्हीं को देखकर सेना के प्रति लगाव बढ़ा। उनकी माता सरला कंवर ने कहा कि बेटे का अफसर बनना सपना साकार होने जैसा है। शिवराज ने दून की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने डीआइटी से ग्रेजुएशन की और दून में करीब पांच साल बिताए।

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Posted By: Sunil Negi

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