यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Yogi Adityanath Oath Ceremony : योगी आदित्यनाथ की जीत के लिए बहन ने मांगी थी मुराद, पैतृक गांव में हो रहे भजन-कीर्तन
Yogi Adityanath Oath Ceremony योगी आदित्यनाथ शुक्रवार की शाम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उत्तराखंड में ...और पढ़ें

जागरण संवाददात, ऋषिकेश: योगी आदित्यनाथ शुक्रवार की शाम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उत्तराखंड में उनके पैतृक गांव में भी खुशी की लहर है। योगी आदित्यनाथ के मूल गांव पंचुर में उनकी मां सावित्री देवी, बड़े भाई मानवेंद्र और छोटे भाई महेंद्र का परिवार रहता है।
योगी की मां ने कहा कि वे उनके दोबारा मुख्यमंत्री बनने पर काफी खुश हैं। वहीं शपथ ग्रहण के दिन गांव में भजन-कीर्तन भी किया जा रहा है।सुबह से ही उनके घर में बधाई देने वाले पहुंच रहे हैं।
बता दें कि योगी आदित्यनाथ मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लाक के अंतर्गत पंचुर गांव के रहने वाले हैं। वहीं यूपी विधानसभा चुनावों में भाजपा के पूर्ण बहुमत मिला है। जिसके बाद आज शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
योगी की बहन शशि ने की थी नीलकंठ महादेव मंदिर में प्रार्थना
वहीं कोठार गांव में रहने वाले योगी आदित्यनाथ की बड़ी बहन शशि पयाल ने अपने भाई की जीत के लिए नीलकंठ मंदिर में मुराद मांगी थी। भाई के दोबारा मुख्यमंत्री बनने से शशि बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि भगवान ने उनकी प्रार्थना सुन ली। शशि कहती हैं कि 'भाई के मस्तक पर विजय का तिलक देखना ही मेरा सपना है।'
शशि पयाल अपने पति पूरण सिंह पयाल के साथ नीलकंठ मंदिर के समीप प्रसाद और खाने-पीने के सामान की दुकान चलाती है। उनकी दुकान के पास में ही पौराणिक नीलकंठ महादेव मंदिर और माता भुवनेश्वरी का मंदिर है।
वह बताती है कि माता भुवनेश्वरी उनकी कुलदेवी हैं। चुनाव के दौरान शशि अपने भाई योगी आदित्यनाथ की सफलता के लिए भगवान भोलेनाथ और माता भुवनेश्वरी से प्रार्थना करती थीं। गौरलतब है कि ऋषिकेश से 36 किलोमीटर दूर नीलकंठ महादेव मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
सात भाई-बहनों में शशि सबसे बड़ी और योगी पांचवें नंबर के हैं। शशि का विवाह कोठार गांव के पूरण सिंह पयाल से हुआ है। शशि इंटर तक पढ़ीं हैं। पति-पत्नी हर दिन रोजाना सुबह सात बजे दुकान खोलते हैं और शाम चार बजे तक गांव लौट जाते हैं। शशि के तीन बच्चे हैं, दो पुत्र और एक पुत्री। एक पुत्र का विवाह हो चुका है।
