ऋषिकेश, जेएनएन। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में ट्रामा और आपदा प्रबंधन विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है। इसमें विदेशों से पहुंचे विशेषज्ञों ने ट्रामा सर्जरी से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकी जानकारियां साझा की। 

एम्स ट्रॉमा सर्जरी विभाग के तत्वावधान में मेडिकल एजुकेशन विभाग में शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला का एम्स निदेशक पद्श्री प्रोफेसर रवि कांत ने शुभारंभ किया। इस मौके पर निदेशक एम्स ने कहा कि उत्तराखंड में एक्सीडेंट के मामले अधिक होते हैं, लिहाजा इस दिशा में लोगों की जान बचाने को इस फील्ड में कार्य करने की जरूरत है। संस्थान पेसेंट हेली सिस्टम पर कार्य करने की ओर अग्रसर है जो कि राज्य का पहला सेंटर है। संस्थान के ट्रामा विभाग के हेड डॉ. कमर आजम ने कहा कि इस मामले में छोटे-छोटे प्रयास किए जाने की आवश्यकता है 

इस अवसर पर इजराइल के ट्रामा और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. माइकल हेलबरथाल, ट्रामा विशेषज्ञ डॉ. हैनी बहाउथ व मिस गीला हायम्स ने भी विचार रखे। इस अवसर पर एमएस डॉ. ब्रह्मप्रकाश, डीन प्रो. सुरेखा किशोर, प्रो. मनोज गुप्ता, डॉ. फरहान उल हुदा, डॉ. कुमार सतीश रवि, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अजय कुमार, डॉ. भास्कर सरकार, डॉ. मधुर उनियाल, डॉ. अमूल्य रतन आदि मौजूद थे। 

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Posted By: Raksha Panthari

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