जागरण संवाददाता, देहरादून: उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने बैक डेट में स्थानांतरण करने पर आक्रोश जताया है। सहारनपुर रोड स्थित संघ कार्यालय में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि तमाम विभागों में स्थानांतरण एक्ट का मजाक उड़ाया जा रहा है। 14 जून को मोर्चे का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) से मिलेगा। अगर जल्द ही स्थानांतरण की विसंगतियों और मनमानियों को दूर नहीं किया तो आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा। मंच के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि सरकार ने स्थानांतरण एक्ट के तहत 10 जून तक तबादले के आदेश दिए थे। लेकिन, तमाम विभागों में बुधवार तक भी पत्रांक छोड़कर बैक डेट में आदेश जारी किए जा रहे हैं। कुछेक विभागों ने ही निर्धारित समय-सीमा के भीतर तबादले किए, लेकिन उनमें एक्ट का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है। जैसे कर विभाग में रात एक बजे तबादले, सुबह ही कार्यमुक्ति और शाम पांच बजे तक नई तैनाती स्थल पर कार्यभार संभालने के आदेश कर दिए गए। ग्राम्य विकास विभाग में अपात्रों के ही तबादले कर दिए गए। मोर्चे के पदाधिकारियों ने स्थानांतरण के लिए सुगम-दुर्गम के चिह्नीकरण पर भी सवाल उठाए। कहा कि एक ही स्थान, एक विभाग के लिए दुर्गम है तो दूसरे विभाग के लिए सुगम। सुगम-दुर्गम का निर्धारित कार्यालय के स्थान नहीं, बल्कि कार्य स्थल को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। कहा कि मुख्य सचिव ने 10 फीसद की सीमा में स्थानांतरण के आदेश जारी किए थे। विभागों में इसकी व्याख्या भी अपने-अपने हिसाब से की जा रही है। कई विभागों में कुल स्वीकृत पदों के सापेक्ष 10 फीसद कार्मिकों का स्थानांतरण किया गया है। जबकि, यह कुल कार्यरत कार्मिकों के हिसाब से होना है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा विभाग में कोटिकरण को लेकर अभी भी विवाद है। साथ ही आइटीआइ में उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के भी तबादले कर दिए, जो नियम विरुद्ध हैं। बैठक में संतोष रावत, बनवारी सिंह रावत, अरुण पांडे, इंसारुलहक, बीएस रावत, शक्ति प्रसाद भट्ट, चौधरी ओमवीर सिंह, डॉ. सोहन सिंह माजिला, जीएस नेगी, हरेंद्र रावत, दीपक चौहान, गजेंद्र कपिल, एसपी गुप्ता, सतेंद्र कुमार, गुड्डी मटूडा, एसपी सेमवाल, डीएस असवाल, बीके धस्माना, वीरेंद्र सिंह रावत, विक्रम सिंह गुसाई, संदीप शर्मा आदि मौजूद रहे।