जागरण संवाददाता, देहरादून: लॉकडाउन के कारण लकड़ी की कमी झेल रही श्मशान घाट संचालन समितियों को अब लकड़ी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। वन विभाग ने लक्खीबाग और चंद्रबनी श्मशान घाट में लकड़ी की आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके अलावा श्मशान घाट संचालन समितियां बाजार से भी लकड़ी खरीद रही हैं। गुरुवार को लक्खीबाग में 20 दिन का, जबकि चंद्रबनी में महीनेभर की लकड़ी का स्टॉक पहुंच गया।

लक्खीबाग श्मशान घाट में हर महीने करीब एक हजार कुंतल लकड़ी की खपत होती है। वहीं, चंद्रबनी में हर वर्ष सात सौ आठ सौ कुंतल लकड़ी की जरूरत पड़ती है। लॉकडाउन लागू होने के बाद दोनों श्मशान घाट में वन विभाग की ओर से लकड़ी की आपूर्ति बंद हो गई थी। इसके अलावा बाजार से भी पर्याप्त मात्रा में लकड़ी नहीं मिल पा रही थी। जिससे दो माह तक दोनों श्मशान घाट की संचालन समितियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मई के अंतिम सप्ताह में संचालन समितियों ने वन विभाग और लकड़ी बाजार से श्मशान के लिए लकड़ी की माग की थी।

लक्खीबाग श्मशान घाट पर बुधवार और गुरुवार को वन विभाग व बाजार से तकरीबन 600 कुंतल लकड़ी पहुंचाई गई। घाट का संचालन करने वाली शिवाजी सेवा समिति के महासचिव विनोद गोयल ने बताया कि फिलहाल वन विभाग और बाजार से लकड़ी खरीदी गई है। जो 15 से 20 दिन तक चलेगी। बरसात में लकड़ी की दिक्कत न हो, इसे देखते हुए अगस्त तक का स्टॉक रखा जाएगा।

वहीं, चंद्रबनी श्मशान घाट संचालन समिति के महासचिव डॉ. एलएस सरोहा ने बताया कि गुरुवार को श्मशान में तीन ट्रक लकड़ी आई। 100 कुंतल का स्टॉक पहले से था। जून अंत तक लकड़ी की कमी नहीं होगी। जुलाई और अगस्त के लिए भी जल्द ही लकड़ी का स्टॉक कर लिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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