विकासनगर, जेएनएन। कोतवाली के नवाबगढ़ क्षेत्र में ट्रिपल तलाक का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला का आरोप है कि बीते सोमवार शाम को उसके पति ने तीन तलाक देने के बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया। पीड़िता ने कोतवाली पुलिस को आरोपित पति और ससुरालियों के खिलाफ उसे प्रताड़ित करने की लिखित तहरीर दी है। शहर में तीन तलाक का यह पहला मामला सामने आया है, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मंगलवार को नवाबगढ़ निवासी पीड़ित महिला ने विकासनगर कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि 2009 में उसका निकाह मुस्लिम रीतिरिवाज से हुआ था। निकाह के दौरान उसके परिजनों ने दान-दहेज दिया था। निकाह के बाद पति और ससुराल पक्ष के लोग उसे बार-बार प्रताड़ित करते हैं। पीड़िता ने कहा पिछले पांच-छह वर्षों से उसके पति की किसी अन्य महिला से नजदीकी है। पति परिवार का खर्चा नहीं उठा रहा और अपनी कमाई दूसरी महिला पर लुटा रहा है। जिससे आए दिन घर में विवाद होता है। कहा पति और ससुराल के अन्य लोग शादी के बाद से उसका उत्पीड़न करते आ रहे हैं।

पीड़ित महिला के तीन बच्चे हैं, जिसमें से दो जुड़वा बच्चे पति ने अपने साथ रख लिए और एक को उसके साथ मायके भेज दिया है। पीड़िता ने पति और ससुरालियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़िता ने सामाजिक कार्यकर्ता व एडवोकेट कुलदीप राज शर्मा को अपनी पीड़ा बताकर आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई करने में सहयोग मांगा है। उधर, कोतवाली के एसएसआइ गिरीश नेगी के अनुसार यह मामला उनके संज्ञान में आया है, दरअसल मामला तीन तलाक का नहीं है, बल्कि महिला के पति द्वारा दूसरा निकाह किए जाने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तीन तलाक मामले में आरोपित की गिरफ्तारी पर 27 तक रोक

सहसपुर के चर्चित तीन तलाक के मुकदमे में आरोपित को 27 अगस्त तक राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में आरोपित को पीड़िता के साथ पेश होने के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि हाईकोर्ट के स्टे के चलते आरोपित की गिरफ्तारी फिलहाल संभव नहीं है। इधर, पीड़िता ने आरोपित से खतरा बताते हुए अपने मायके में शरण ले रखी है।

सहसपुर के केदारावाला में निवासी शमा ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उनके पति असलम ने 31 जुलाई की रात को मारपीट कर तीन तलाक दे दिया। इस मामले में दो अगस्त को सहसपुर पुलिस ने आरोपित असलम के खिलाफ तीन तलाक का मुकदमा दर्ज किया। यह घटना उस दिन हुई, जिस दिन देश में तीन तलाक बिल लागू हुआ था। बिल में साफ कहा गया है कि मुकदमा दर्ज होते ही गिरफ्तारी अनिवार्य है। मगर, पुलिस बयान दर्ज करने से लेकर दूसरी कार्रवाई में व्यस्त रही। इस बीच आरोपित असलम ने हाईकोर्ट में अर्जी दे दी। सहसपुर के थानाध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने असलम को 27 अगस्त तक मोहलत दी है। इस दिन आरोपित को पीड़िता के साथ पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ही कोर्ट आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के स्टे के चलते फिलहाल गिरफ्तारी भी संभव नहीं है। हाईकोर्ट से जो निर्देश मिलेंगे, उनका पालन किया जाएगा।

अशोक कुमार (पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था) का कहना है कि तीन तलाक पर जो भी तहरीर आ रही हैं, उनको प्राथमिकता के साथ दर्ज किया जा रहा है। तहरीर के आधार पर विवेचना की जा रही है। मुकदमा दर्ज हुआ तो गिरफ्तारी भी होनी चाहिए। इस संबंध में सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी जाएगी।

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Posted By: Sunil Negi