यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Weather Update: उत्तरकाशी-रुद्रप्रयाग, चमोली जनपदों में आज भारी बारिश के आसार, देहरादून में राहत
Weather Update Uttarakhand Today मानसून विदाई के समय अपना रंग दिखा रहा है। पिछले एक सप्ताह से उत्तराखंड में बादलों ...और पढ़ें

HighLights
- आज दून में वर्षा से राहत, पहाड़ों में हो सकती है तेज वर्षा
- मसूरी देहरादून हाईवे मंगलवार शाम एक घंटे भूस्खलन से बंद रहा
जागरण संवाददाता, देहरादून। प्रदेश के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में बुधवार को मौसम का मिजाज बदल सकता है। बुधवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली जनपदों में कहीं-कहीं एक से दो दौर भारी वर्षा होने की संभावना है। दून में वर्षा से राहत की उम्मीद है।
हल्के बादल छाने का अनुमान
बुधवार गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्के बादल छाए रहने और गरज के साथ हल्की वर्षा होने की भी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि गुरुवार से एक बार फिर खुलने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान में एक से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
मंगलवार को खिली थी तेज धूप
मंगलवार को दून में दोपहर तक धूप खिली रही। दोपहर बाद कुछ क्षेत्रों में एक से दौ दौर तेज बौछारें पड़ी, हालांकि इसके बाद फिर धूप खिली।
ऐसा रहा तापमान
- देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 33.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
- पंतनगर का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 35.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
- मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 22.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक 13.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
- टिहरी का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 24.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य से दो कम 15.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
मसूरी देहरादून हाईवे मंगलवार शाम एक घंटे भूस्खलन से बंद रहा
मसूरी में मंगलवार शाम को हुई बारिश के दौरान मसूरी देहरादून हाईवे के कोल्हूखेत के नीचे पानी वाले बैण्ड के समीप पहाड़ी से भूस्खलन होने से सड़क पर मलवा व बोल्डर जमा हो गया जिससे यातायात बाधित हो गया और लगभग एक घंटे यातायात बंद रहा। लोनिवि द्वारा जेसीबी के माध्यम से मलवा हटाये जाने पर यातायात फिर से चालू हो सका। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी। पहाड़ी से मलवा गिरने का खतरा अभी भी बना हुआ है।
