जागरण संवाददाता, देहरादून: समूचे उत्तराखंड में धूल की परत दूसरे दिन भी छाई रही। इससे दृश्यता कम हो गई है, साथ ही उमस भी बढ़ गई है और लोग घुटन महसूस कर रहे हैं। सांस लेने में भी थोड़ी दिक्कत आ रही है। वहीं, गढ़वाल-कुमाऊं के कुछ क्षेत्रों में बारिश होने से वातावरण में छाई धूल की परत कुछ हद तक हट गई, लेकिन अन्य जगहों पर धूल का गुबार बना हुआ है। मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। मौसम विभाग की मानें तो शुक्रवार को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, पौड़ी में अगले 48 घंटे में 70 से 100 किलोमीटर की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।

बलूचिस्तान (पाकिस्तान) और राजस्थान से चल रही धूल भरी गर्म हवा से आसमान में डस्ट की परत जम गई है। उत्तराखंड में बुधवार दोपहर तक स्थिति सामान्य थी, लेकिन इसके बाद धूल के गुबार में सूरज दिखना बंद हो गया और गर्मी व उमस बढ़ गई। कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में बुधवार रात तो गढ़वाल के पौड़ी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली में गुरुवार शाम को हल्की बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में तापमान अधिक और हवा का दबाव कम होने के कारण धूल की परत बनी है। तेज हवा और बारिश के बाद ही धूल से राहत मिलेगी। प्रदेश में गुरुवार रात से ही तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

-------------

धारचूला में अंधेरा

पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र को बिजली आपूर्ति करने वाली 33केवी लाइन बुधवार रात बारिश के दौरान पेड़ गिरने से टूट गई थी। बुधवार रात से गुरुवार रात तक भी बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी थी। इससे धारचूला पहुंचे कैलास मानसरोवर यात्रियों को रात अंधेरे में बितानी पड़ी।

Posted By: Jagran