देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड में मौसम राहत नहीं दे रहा है। मंगलवार को बारिश के दौरान टिहरी और उत्तरकाशी जिले के घनसाली क्षेत्र में पहाड़ी से हुए जबरदस्त भूस्खलन से तीन भवन मलबे में ध्वस्त हो गए। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। दूसरी ओर नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र में बनियानाला में भी पहाड़ी दरकने का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में भारी बारिश की आशंका बरकरार है। विशेष कुमाऊं में विशेष सतर्कता की सलाह दी गई है। वहीं, ऋषिकेश में बारिश से भूमिगत नाला आफत बना हुआ है। नाले का पानी स्कूलों और घरों में घुस गया है। 

पहाड़ों में भूस्खलन से जिंदगी बेहाल है। सड़कों पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो रखी है। साठ से ज्यादा संपर्क मार्ग बंद हैं। ऐसे में ग्रामीणों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल ही नापनी पड़ रही है। मंगलवार सुबह से देहरादून, रुद्रप्रयाग और चमोली में मूसलधार बारिश हुई। दून में शाम को भी बारिश का दौर जारी है। इससे देहरादून में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

भूमिगत नाला बना आफत, स्कूल और घरों में घुसा पानी

ऋषिकेश के ढालवाला से चंद्रेश्वर नगर होते हुए गंगा में मिलने वाले नाले को ङ्क्षसचाई विभाग द्वारा भूमिगत तो कर दिया गया। मगर, पानी के दबाव के हिसाब से पाइप नहीं डाले गए। हालत यह है कि भूमिगत पाइप पानी के प्रेशर से जगह-जगह से फट गए हैं। बरसात के कारण यह पानी आबादी में लोगों के घरों में घुसने के साथ धोबी घाट प्राथमिक विद्यालय में घुस गया। जिस कारण स्कूल की छुट्टी करनी पड़ी।

जनपद टिहरी के ढालवाला से होकर आने वाला नाला शीशम झाड़ी और चंद्रेश्वर नगर होते हुए गंगा में मिलता है। जब यह नाला खुला था, तो लोग इसमें कूड़ा और घर का सीवर छोड़ देते थे। ङ्क्षसचाई विभाग द्वारा इस नाले को पाइप डालकर भूमिगत कर दिया गया और इसके ऊपर सड़क बना दी गई। यह सब करते हुए इस बात का ध्यान नहीं रखा गया कि वर्षा काल में ढालवाला के जंगल से होकर आने वाला पानी भूमिगत पाइपों से पूरी तरह निकल भी पाएगा या नहीं। अब हालत यह है कि पानी इतना अधिक है कि पाइप पानी के दबाव को नहीं सह पा रहे हैं। चंद्रेश्वर नगर में यह नाला जनपद टिहरी और देहरादून की सीमा को विभाजित करता है। भूमिगत नाला कई जगह से फूट गया है। नाले का पानी सड़कों के अतिरिक्त आसपास लोगों के घरों में घुस रहा है। सोमवार की रात हुई मूसलाधार बारिश ने यहां व्यवस्था की पोल खोल दी।

नाले का यह पानी धोबी घाट में प्राथमिक विद्यालय संख्या छह के अंदर घुस गया। रसोई, क्लास रूम, प्रधानाध्यापक कक्ष और आंगन सभी जगह एक से डेढ़ फुट पानी भर गया। सुबह शिक्षक बच्चों को पढ़ाने पहुंचे। मगर, अंदर पानी और मलवा भरा हुआ था। जिस कारण विद्यालय की छुट्टी करनी पड़ी। इस मलबे को साफ करने में दो दिन का वक्त लग जाएगा। स्थानीय नागरिक बलराम शाह ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व सिंचाई विभाग निर्माण खंड नरेंद्र नगर और स्थानीय प्रशासन को नागरिकों की ओर से ज्ञापन देकर समस्या से अवगत करा दिया गया था। मगर, जिम्मेदार विभाग के कोई भी अधिकारी मौके पर झांकने तक नहीं आए। वर्तमान में हालत यह है कि यहां की सड़क पर जलभराव और मलबा होने के कारण लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। गंदगी के कारण यहां संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।

उप जिलाधिकारी लक्ष्मी राज चौहान ने बताया कि भूमिगत नाले के कारण आने वाली समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। भविष्य में परेशानी न हो इसके भी विकल्प तलाशे जाएंगे।

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Posted By: Sunil Negi