जागरण संवाददाता, देहरादून: उत्तराखंड में जल संरक्षण व संवर्धन की योजनाओं के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने 910 करोड़ रुपये की उत्तराखंड जल प्रबंधन योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत राज्य में 11 झील व तालाबों के पुनरुद्धार समेत तमाम योजनाओं पर काम किया जाएगा।

गुरुवार को उत्तराखंड जल प्रबंधन योजना को लेकर वित्त मंत्रालय में बैठक थी। राज्य के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने योजना का खाका रखते हुए बताया कि योजना के बाद राज्य के विकास पर इसका क्या असर पड़ेगा। खासकर जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में योजना मील का पत्थर साबित हो सकती है। अपर सचिव सिंचाई देवेंद्र पालीवाल ने कहा कि योजना को वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद विश्व बैंक को प्रस्ताव भेजा जाएगा। विश्व बैंक की स्वीकृति के बाद डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। जल प्रबंधन योजना की अवधि पांच साल की होगी और इस दौरान सभी काम पूरे कर जल संरक्षण की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे। बैठक में सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष आदित्य कुमार दिनकर, वरिष्ठ स्टाफ ऑफिसर (नियोजन) डीएस कछवाहा शामिल रहे।

योजना में यह होंगे काम

- 11 झील व तालाबों का पुनरुद्धार (इस काम से जल स्रोतों को नया रूप मिलेगा और भूजल रिचार्ज में मदद मिलेगी। )

- 19 जल संवर्धन जलाशय निर्माण (पानी के विभिन्न स्रोतों का उपचार कर इस काम को अंजाम दिया जाएगा।)

- 382 नहरों का निर्माण (नहरों के निर्माण से पानी का सदुपयोग खेती संबंधी कार्यों में किया जाएगा।)

- 35 लघु नहरों का निर्माण (सिंचाई के नए कमांड एरिया बनाकर पानी को बड़े क्षेत्रफल तक पहुंचाया जाएगा। इससे अन्य क्षेत्रों में भी भूजल रिचार्ज संभव हो सकेगा।)

- 115 नलकूपों का निर्माण (नए नलकूपों के निर्माण से अधिक क्षेत्रफल में विभिन्न प्रयोगों के लिए पानी मुहैया कराया जाएगा।)

- 02 बहुद्देशीय जलाशयों का निर्माण (विभिन्न कार्यों में इनका प्रयोग होने से पानी की कमी दूर होगी।)

जमरानी बांध को स्वीकृति का आश्वासन: सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष आदित्य कुमार दिनकर ने केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष हुसैन मसूद से मुलाकात की। उन्होंने अति महत्वाकांक्षी जमरानी बांध परियोजना को लेकर उनके साथ चर्चा की और बताया कि बांध निर्माण के बाद किस तरह राज्य व देश के विकास को बल मिलेगा। जल आयोग के अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि परियोजना को जल स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

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By Jagran