संवाद सूत्र, त्यूणी: गुरुवार को बाशिक महासू व शेडकुडिया महाराज की देव पालकी तीन दिन की प्रवास यात्रा पर त्यूणी पहुंची। यहां देवता के दर्शन को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं को त्यूणी में दोनों देवता के एक साथ दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। स्थानीय श्रद्धालुओं ने देव पालकी को कंधा लगाकर पुण्य लाभ कमाया।

बीते 15 जून से एक माह की प्रवास यात्रा पर निकले बाशिक महासू देवता बाणाधार खत, कंडमाण क्षेत्र की तीन खतों मशक, धुनोऊ, कैलोऊ व देवघार खत के रडू-लखवाड़ में प्रवास के बाद गुरुवार शाम को सैकड़ों पदयात्रियों के जत्थे सहित गाजे-बाजे के साथ त्यूणी पहुंचे। इसके अलावा रायगी मंदिर से शेडकुडिया महाराज की देव पालकी भी बाशिक महासू के साथ तीन दिन की प्रवास यात्रा पर त्यूणी पहुंची। संयोग से बाशिक महासू व शेडकुडिया महाराज दोनों देवता के एक साथ प्रवास यात्रा पर आने से त्यूणी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। यहां आस्था का सैलाब उमड़़ने से देव दर्शन को जुटे श्रद्धालुओं ने परंपरागत रूप से देवता का स्वागत किया। विशेष पूजा-अर्चना को देवता के प्रवास पर आने से देवघार रेंज त्यूणी के वन विभाग परिसर में रात्रि जागरण को जुटे श्रद्धालुओं की सुविधा को भंडारे की व्यवस्था की गई। अरसे बाद दोनों देवता के दर्शन एक साथ होने से उत्साहित स्थानीय श्रद्धालुओं में बाशिक महासू व शेडकुडिया महाराज की देव पालकी को कंधा लगाने के लिए होड़ सी मच गई। श्रद्धालुओं ने देव पालकी को कंधा लगाकर देवता का आर्शीवाद लिया। साथ ही देवता से अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र के खुशहाली की कामना की। त्यूणी में तीन दिन की प्रवास यात्रा के बाद बाशिक महासू 29 मई को प्रवास पर कांडा गांव जाएंगे। इसके बाद देवता प्रवास यात्रा पर 30 मई बागी गांव और एक से दो जून तक जखोली मेले में कैमाला जंगल के बुग्याल में प्रवास करेंगे। इस मौके पर शांठीबिल के बजीर दीवान सिंह राणा, पुजारी अभीदत्त डोभाल, कूणा के क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं देवता के ज्येष्ठ ठाणी विक्रम सिंह पंवार, वन क्षेत्राधिकारी हरीश चौहान, देवमाली भवान सिंह पंवार, दिनेश राणा, हरदयाल सिंह राणा, भागमल शर्मा, राजू पंवार, दिनेश सिंह, पूरणदास, दिनेश पंवार, कल सिंह आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran