जागरण संवाददाता, विकासनगर: एंटी ड्रग टास्क फोर्स ने औद्योगिक नगरी सेलाकुई से गांजा तस्करी में तीन महिलाएं गिरफ्तार की। आरोपितों से तीन किलो 435 ग्राम गांजा व बेचकर कमाए 2030 रुपये बरामद किए। पुलिस ने आरोपित महिलाओं के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

चरस, गांजा, स्मैक आदि खरीदने, बेचने व तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए थाना स्तर पर गठित एंटी ड्रग टास्क फोर्स ने पहले क्षेत्र के नशा तस्करों को चिह्नित कर सूची तैयार की। जिसके बाद नशा तस्करों के ठिकानों व नशा करने वाले स्थानों को चिह्नित किया। गुरुवार की रात में सेलाकुई की एक कंपनी के पिछले गेट के पास तीन महिलाओं को शक के आधार पर रोककर तलाशी ली। जिनके पास से अलग-अलग तीन पैकेट गांजा के बरामद किए। गिरफ्तार महिलाओं ने अपनी पहचान शीला, संजीला देवी, अंजीला देवी निवासी मूल बिहार व हाल शिवनगर बस्ती, सेलाकुई बताई। पुलिस ने शीला के पास से एक किलो 110 ग्राम गांजा व 670 रुपये की नकदी, संजीला से एक किलो 200 ग्राम गांजा व 710 रुपये की नकदी, अंजीला से एक किलो 125 ग्राम गांजा व 650 रुपये नकदी बरामद की। उधर, थानाध्यक्ष विनोद सिंह राणा के अनुसार आरोपित संजीला पर वर्ष 2019 व 20 में एनडीपीएस एक्ट के दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं। प्रकाश में आया कि तीनों महिलाएं गांजा को सोमपाल निवासी चोरखाला सहसपुर से खरीदती थी। जिसकी तलाश की जा रही है।

पैसा कमाने के शार्टकट ने बनाया तस्कर

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार महिलाओं ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं। हमारा इलाका मुजफ्फरपुर का बेनीबाग पिछड़ा हुआ है। रोजगार की समस्या को देखते हुए सेलाकुई आ गए। यहां पर ज्यादा कमाई के चक्कर में गांजा की तस्करी करने लगे। उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अपनी जान पहचान के व्यक्तियों को गांजा बेचने से अच्छी कीमत मिल जाती है। हमें सोमपाल गांजा लाकर देता है जो ट्रक व सवारी बसों में सफर करता हैं। जिससे वह पुलिस की चेकिग से बच सके। एंटी ड्रग टास्क फोर्स की टीम में थानाध्यक्ष विनोद सिंह राणा, दारोगा रतन सिंह बिष्ट, सिपाही दीपक चौहान, संजय कुमार, ब्रजपाल, बबली नेगी आदि शामिल रहे।

Edited By: Jagran